लाल बहादुर शास्त्री के बारे में जानकारी 2021 | Lal bahadur shastri information in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में बताएंगे अर्थात आज का हमारा विषय है lal bahadur shastri information in hindi। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि लाल बहादुर शास्त्री एक स्वतंत्रता सेनानी थे इन्होंने हमारे भारत देश को आजाद कराने के लिए कई सारे जंगल लेडी जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि information about lal bahadur shastri in hindi , information of lal bahadur shastri in hindi

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लाल बहादुर शास्त्री के बारे में जानकारी | Lal bahadur shastri information in hindi | information about lal bahadur shastri in hindi

लाल बहादुर शास्त्री के बारे में जानकारी 2021 | Lal bahadur shastri information in hindi

लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर उन्नीस सौ चार में उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के 7 मील दूर एक छोटे से रेलवे कस्बे में हुआ था जिसका नाम मुगलसराय था।
लाल बहादुर शास्त्री हमारे देश के द्वितीय प्रधानमंत्री थे इन्होंने अपने मृत्यु से पहले सिर्फ 18 माह ही प्रधानमंत्री का पद संभाला था 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक इन्होंने प्रधानमंत्री के पद को संभाला क्योंकि 11 जनवरी 1966 में इनकी मृत्यु हो गई थी।

लाल बहादुर शास्त्री जी के पिता का नाम मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव था तथा उनकी माता का नाम राम दुलारी था। इनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे जिस वजह से लोग उनके मुंशी जी कह कर पुकारते थे उसके पश्चात उन्होंने राजस्व में क्लर्क की नौकरी करना शुरू कर दिया लाल बहादुर शास्त्री अपने घर में सबसे छोटे होने की वजह से लोग उन्हें प्यार से नन्हे कहकर बुलाते थ।

लाल बहादुर शास्त्री जब 18 माह के थे तब इनके पिता का निधन हो गया जिस वजह से इनके माता रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के साथ उनके घर मिर्जापुर चलेगी। मिर्जापुर जाने के पश्चात ही उनके नाना का भी निधन हो गया जिस वजह से उनका पूरा देखरेख उनकी मां के ऊपर आ गया था और तब लाल बहादुर शास्त्री जी के मौसा रघुनाथ प्रसाद जी ने उनकी बहुत मदद की।

लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने ननिहाल में प्राप्त की जिसके पश्चात वह हरिश्चंद्र हाईस्कूल और काशी के विद्यापीठ से अपने संपूर्ण शिक्षा प्राप्त की काशी के विद्यापीठ से उन्होंने शास्त्री की उपाधि प्राप्त की। जब इन्होंने काशी के विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की उसके पश्चात इन्होंने अपना जाति सूचक शब्द श्रीवास्तव अपने नाम के पीछे से हमेशा के लिए हटा दिया तथा अपने नाम के अंत में शास्त्री शब्द लगा दिया जिस वजह से वर्तमान समय में हम उनको लाल बहादुर शास्त्री के नाम से जानते हैं।

लाल बहादुर शास्त्री का विवाह 1928 में हुआ था। इनकी पत्नी का नाम ललिता था यह गणेश प्रसाद की पुत्री थी और यह मिर्जापुर में रहते थे जिस वजह से इनकी शादी मिर्जापुर अर्थात ननिहाल में ही हुई थी। लाल बहादुर शास्त्री और ललिता जी को 6 संतानें हुए जिनमें से दो पुत्री तथा 4 पुत्र प्राप्त हुए पुत्री का नाम कुसुम और सुमन था तथा इनके चारों पुत्रों का नाम हरीकृष्ण अनिल सुनील व अशोक था।

इनके चारों पुत्रों मैं से 2 पुत्र अभी भी जीवित है जिनका नाम अनिल और सुनील है अनिल शास्त्री वर्तमान समय की कांग्रेस पार्टी के विशिष्ट नेता हैं जबकि सुनील शास्त्री भारतीय जनता पार्टी के नेता है। लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर तक शिक्षा प्राप्त की थी उसके पश्चात इन्होंने भारतीय सेवा संघ में जुड़ गए।

लाल बहादुर शास्त्री में हम सभी भारतवासियों को एक नारा दिया जो तुम मरो नहीं मारो जैसे यह सभी भारत वासियों में एक जुनून भर दिया और सभी कई सारे आंदोलन के जिस में एकता भारत छोड़ो आंदोलन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इंग्लैंड की बुरी तरह से उलझते हुए देखते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने आंदोलन शुरू किया भारत छोड़ो आंदोलन।

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन बहुत ही साफ सुथरा था जिस वजह से उनको पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद द्वितीय प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया और उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के पश्चात व खाद्यान्न में बढ़ रहे मूल्यों को रुकेंगे और ऐसा करने में वह पूरी तरह से सफल रहे।

लाल बहादुर शास्त्री का प्रधानमंत्री जीवन का बहुत ही संघर्षपूर्ण था क्योंकि जिनके पास पैसे थे अर्थात पूंजीवाद लोग हमारे देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन हमारे देश पर आक्रमण करने की नीतियां तैयार कर रहा था।और उसके पश्चात पाकिस्तान हमारे भारत देश पर 1965 में शाम 7:03 पर हवाई हमला कर दिया जिस वजह से हमारे भारत देश में बहुत क्षति पहुंची इससे जन और धन दोनों को ही नुकसान हुआ।

आक्रमण करने के पश्चात ही लाल बहादुर शास्त्री ने एक आपात संगठन बैठाई जिसमें हमारे देश के तीनों रक्षा अंगों को भी शामिल किया गया और उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से पूछा कि अब हमें क्या करना चाहिए लेकिन लाल बहादुर शास्त्री ने उसका जवाब देते हुए कहा कि आप हमारे देश के रक्षक हैं आप करिए और हमें बताइए कि हमें क्या करना चाहिए जिस वजह से हमारे भारत देश के सभी भारत वासियों एवं रक्षा अंगों का हौसला बहुत बढ़ गया और हमारा पूरा भारत देश एकजुट हो गया और उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया जिस वजह से हमारे भारतीयों में और भी जुनून बढ़ गया इस बात की कल्पना पाकिस्तानियों द्वारा कभी नहीं की गई थी।

इसके पश्चात अमेरिका और रूस ने मिलकर शास्त्री जी को एक बैठक के लिए और उसे बुलवाया जिस बात को लाल बहादुर शास्त्री जी ने स्वीकार कर लिया और हर बार उनकी पत्नी ललिता जी उनके साथ जाती थी लेकिन उनको भी इस बात को कह कर मनवा लिया गया कि प्रधानमंत्री के साथ रूस की राजधानी ताशकंद वे ना जाएं जिस बात को उनकी पत्नी ने स्वीकार कर लिया और वहां पर जाने के बाद अमेरिका और रूस के दबाव की वजह से लाल बहादुर शास्त्री ने जीती हुई जमीन को पाकिस्तान के नाम करने का हस्ताक्षर कर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि इस जमीन को कोई और ही प्रधानमंत्री लौट आएगा वह नहीं लौट आएंगे हस्ताक्षर करने के पश्चात 11 जनवरी 1966 में उनकी मृत्यु हो गई और इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया कि उनकी मृत्यु क्या सच में हृदयाघात की वजह से हुई थी लेकिन कुछ लोग यह मानते हैं कि वह शहर की वजह से उनकी मृत्यु हुई।

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निष्कर्ष

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