अब्दुल कलाम के बारे में जानकारी 2021 | APJ Abdul kalam information in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में बताने वाले हैं अर्थात आज का हमारा विषय है apj abdul kalam information in hindi। एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में हम सभी ने सुना है लेकिन उनकी कई सारी ऐसी जानकारी है जो हम सभी के पास अभी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पता है जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि information of apj abdul kalam in hindi , dr apj abdul kalam information in hindi

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अब्दुल कलाम के बारे में जानकारी | APJ Abdul kalam information in hindi | information of apj abdul kalam in hindi

INFOGYANS

एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 में हुआ था। इनका जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक धनुष्कोड़ी गांव में हुआ था उनके पिता जी का नाम जैनुलाब्दीन था तथा इनकी माता का नाम अशिअम्मा था।

एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म एक मध्यम वर्ग मुस्लिम परिवार में हुआ था इनके पिता अत्यधिक पढ़े-लिखे नहीं थे और ना ही इनके पास अत्यधिक संपत्ति थी। एपीजे अब्दुल कलाम के पिता एक नाव रखे थे वह मछुआरों को उसे किराए पर दिया करते थे। एपीजे अब्दुल कलाम एक संयुक्त परिवार में रहने वाले व्यक्ति थे उनके परिवार में पूरे 12 व्यक्ति थे जिसमें से उनके पांच भाई एवं पांच बहने थी।एपीजे अब्दुल कलाम के पिता जी का स्वभाव अब्दुल कलाम के जीवन पर बहुत ज्यादा प्रभाव डाला उनके पिता भले ही अत्यधिक पढ़े लिखे एवं शिक्षित व्यक्ति नहीं थे परंतु उनके पिता द्वारा दिए गए लगन और संस्कार एपीजे अब्दुल कलाम के बहुत काम आया।

एपीजे अब्दुल कलाम का प्राथमिक शिक्षा संस्कार उनके रामेश्वरम के विद्यालय से हुआ था वहां पर जब वह पांचवी कक्षा में पढ़ रहे थे तब उनके शिक्षक द्वारा पक्षियों के उड़ने के तरीके के बारे में सिखा रहे थे लेकिन विद्यार्थियों को जब नहीं समझ में आया तब उनके शिक्षक ने उन सभी विद्यार्थियों को समुद्र तट पर ले गए और आसमान में उड़ रहे पक्षों की तरफ इशारा करके बहुत ही आसानी से और अच्छे तरीके से समझाया। यही एक ऐसा समय था जब एपीजे अब्दुल कलाम ने यह तय किया कि वह विमान विज्ञान में ही जाएंगे।

एपीजे अब्दुल कलाम अपनी आरंभिक शिक्षा जारी रखते हुए भी अखबार वितरण का कार्य किया करते थे सन 1950 में एपीजे अब्दुल कलाम को मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में एक स्नातक की उपाधि प्राप्त हुई उसके बाद उन्होंने हावर क्राफ्ट परियोजना पर कार्य के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश लिया।

एपीजे अब्दुल कलाम सन 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आ गए और वहां पर उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अब्दुल कलाम जी सन 1972 में हमारे भारत के वर्तमान समय में इसरो नाम से जाना जाने वाला भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से जुड़े। एपीजे अब्दुल कलाम ने सन 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी के कक्ष के निकट स्थापित किया ऐसा करने के बाद हमारा भारत में अंतरिक्ष अंतर्राष्ट्रीय क्लब का सदस्य बन गया।

एपीजे अब्दुल कलाम ने स्वदेशी लक्ष्वेधी नियंत्रण प्रक्षेपास्त्र को भी जिसे गाइडेड मिसाइल के नाम से जाना जाता है उसे डिजाइन किया। एपीजे अब्दुल कलाम ने अग्नि और पृथ्वी जैसे प्रक्षेपासत्रों को स्वदेशी तरीके से बनाया। एपीजे अब्दुल कलाम ने 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक बहुत ही विशिष्ट सोच प्रदान की। एपीजे अब्दुल कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार थे।

एपीजे अब्दुल कलाम 1982 में भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान निदेशक के तौर पर आए और उन्होंने अपना सारा ध्यान गाइडेड मिसाइल को बनाने के लिए लगाया अर्थात केंद्रित किया। हमारे देश की अग्नि मिसाइल और पृथ्वी मिसाइल का परीक्षण सफलतापूर्वक होने का श्रेय एपीजे अब्दुल कलाम को ही जाता है एपीजे अब्दुल कलाम जुलाई 1992 में भारतीय रक्षा मंत्रालय वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में चुने गए। एपीजे अब्दुल कलाम जी के देखरेख में भारत ने 1998 में पोखरण में अपना परमाणु परीक्षण किया और परमाणु शक्ति से पूरे विश्व संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल हो गया।

एपीजे अब्दुल कलाम एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ भी हमारे भारत देश के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं 18 जुलाई 2002 में एपीजे अब्दुल कलाम 90% बहुमत द्वारा भारत के राष्ट्रपति बने और उन्होंने 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में अपने राष्ट्रपति पद की शपथ ली इस समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई तथा उनके मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित थे। एपीजे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपति कार्यकाल 25 जुलाई 2007 में समाप्त हो गया था।

एपीजे अब्दुल कलाम एक शाकाहारी व्यक्ति थे। एपीजे अब्दुल कलाम ने विंग्स ऑफ फायर इस बुक को लिखा और वह बुक लिखने का एक मकसद था कि भारतीय युवाओं को मार्गदर्शन प्राप्त हो।

एपीजे अब्दुल कलाम एक राजनीतिक क्षेत्र के व्यक्ति नहीं थे परंतु जब वह राष्ट्रपति बने तब हुआ कई नीतियों को सीखे जिस वजह से पी जे अब्दुल कलाम राजनीतिक दृष्टि से भी संपन्न माने जा सकते हैं जब वह राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म हुआ तब उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद इंदौर एवं बेंगलुरु में एक विजिटिंग प्रोफेसर बन गए।

मई 2012 में एपीजे अब्दुल कलाम ने भ्रष्टाचार को हराने के लिए एक केंद्रीय विषय के साथ युवाओं के लिए एक प्रोग्राम शुरू किया “मैं आंदोलन को क्या दे सकता हूं”। एपीजे अब्दुल कलाम को कर्नाटक भक्ति संगीत सुनना बेहद पसंद था जिस वजह से वह प्रतिदिन इसे सुना करते थे एपीजे अब्दुल कलाम हिंदू संस्कृति में विश्वास रखते थे।

एपीजे अब्दुल कलाम भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग में एक व्याख्यान दे रहे थे उस दौरान उन को दिल का दौरा पड़ा और वह बेहोश होकर उसी स्थान पर गिर गए उनको गंभीर हालत में बैठाने अस्पताल के आईसीयू में ले जाया गया उसके 2 घंटे के बाद ही उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी गई अर्थात एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु 27 जुलाई 2015 में हुई थी। अस्पताल के सीईओ ने बताया कि जब एपीजे अब्दुल कलाम को अस्पताल लाया गया तब उनकी नब्ज और ब्लड प्रेशर उनका साथ छोड़ चुकी थी जिस वजह से उनका निधन हुआ।

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निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में बताया apj abdul kalam information in hindi। अगर आपको पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे पूछ सकते हैं।

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