अटल बिहारी वाजपेई जी के बारे में जानकारी 2021 | Atal bihari vajpayee biography in hindi

दोस्तों आज मैं आपको इस ब्लॉग में अटल बिहारी वाजपेई के बारे में बताने वाला हूं अर्थात आज का हमारा विषय है atal bihari vajpayee biography in hindi | अटल बिहारी का नाम तो हम सभी ने सुना है लेकिन उनके जीवन शैली एवं कार्यों के बारे में संपूर्ण जानकारी ना होने की वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि atal bihari vajpayee wikipedia in hindi , atal bihari vajpayee information in hindi इसलिए आज मैं आपको उनके बारे में बताऊंगा|

शुरू करते हैं

अटल बिहारी वाजपेई जी के बारे में जानकारी | Atal bihari vajpayee biography in hindi | atal bihari vajpayee wikipedia in hindi

atal bihari vajpayee biography in hindi

शुरुआती जीवन

अटल बिहारी का पूरा नाम अटल बिहारी वाजपई था उनका जन्म 25 दिसंबर सन 1924 में हमारे भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर शहर मैं हुआ था इनकी माता का नाम कृष्णा देवी था तथा इनके पिताजी नाम कृष्णा बिहारी वाजपेई था| उनके पिता एक कविता था स्कूल में शिक्षक थे| अटल बिहारी की प्रारंभिक शिक्षा स्वरास्ती स्कूल में हुई थी तत्पश्चात इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री लक्ष्मीबाई कॉलेज से ली|

ग्रेजुएशन पूर्णकरने के बाद अटल बिहारी ने डीएवीवी कॉलेज से इकोनामिक विषय में अपना पोस्ट ग्रेजुएशन किया| इसके पश्चात उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ के लॉ कॉलेज में दाखिला के लिए आवेदन किया लेकिन उनका मन तब पढ़ाई में नहीं लग रहा था जिस वजह से उन्होंने अपनी उस पढ़ाई को छोड़कर आर एस एस द्वारा पब्लिक मैगजीन में लीटर का कार्य करने लगे|

अटल बिहारी बाजपेई का विवाह नहीं हुआ था लेकिन उन्होंने दो बेटियों को गोद लिया जिनका नाम उन्होंने नमिता और नंदिता रखा अटल बिहारी वाजपेई अपने देश के बहुत बड़े देश प्रेमी थी जिस वजह से वह अपने पढ़ाई के साथ साथ देश की आजादी के लिए भी कार्य किया करते थे|

राजनीतिक जीवन

अटल बिहारी का राजनीतिक जीवन कार्यकाल देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए एक संग्रामी स्वरूप शुरू हुआ इस वजह से उन्होंने सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और उनको इस के लिए जेल में भी डाला गया| और वहां पर उनकी मुलाकात श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुई जिनसे अटल बिहारी बाजपेई ने राजनीति के कई सारे दांवपेच और तरीके सीखें|

अटल बिहारी बाजपेई को बलरामपुर से मेंबर ऑफ पार्लियामेंट सन 1954 में चुना गया और उस समय वह बहुत ही जवान से जिस वजह से उनकी कई राजनीति यों की वजह से उनको बहुत आदर एवं सम्मान दिया जा रहा था| दीनदयाल उपाध्याय की मौत जब सन 1968 में हुई तब अटल बिहारी जी को जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए गए और तब अटल बिहारी नाना जी देसाई बलराज मध्होक तथा लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर जनसंघ पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे|

जनसंघ पार्टी ने भारतीय लोक दल के साथ गठबंधन सन 1977 मैं कर लिया उसका नाम उन्होंने जनता पार्टी रखा इस पार्टी ने बहुत ही कम समय में बहुत अधिक ग्रोथ कर ली थी| और लोकल चुनाव में यह पार्टी सफलता एवं जीत हासिल की| भारतीय जनता के लीडर मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात अटल बिहारी जी को एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्टर बनाया गया जिस वजह से इन दोनों ने चीन और पाकिस्तान के दौरे पर भारत को सुधारने के लिए प्रयत्न की|

मोरारजी देसाई सन सन 1979 में अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया जिस वजह से जनता पार्टी बिखर रही थी तब सन 1980 में अटल बिहारी बाजपेई ने लालकृष्ण आडवाणी एवं भैरों सिंह शेखावत के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी का निर्माण किया और उस पार्टी के वह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे|

जब सन 1984 में चुनाव हुआ तब भारतीय जनता पार्टी मात्र 2 सीटों से हारी थी उसके पश्चात अटल बिहारी बाजपेई ने अगले चुनाव तक जी जान लगाकर पार्टी के लिए कार्य किया और सन 1989 में भारतीय जनता पार्टी 88 सीटों से आगे थी|

सन 1996 का चुनाव में बीजेपी एक ऐसी राजनीतिक पार्टी थी जो सबसे बड़ी थी और वह इस वर्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कि जिस वजह से अटल बिहारी बाजपेई प्रधानमंत्री पद के लिए चुने गए थे लेकिन अटल बिहारी बाजपेई मात्र 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत रहे क्योंकि दूसरे पार्टियों का समर्थन उनको नहीं मिला

उसके पश्चात सन 1996 से सन 1998 के बीच में एक बार पुनः उनकी सरकार बनी लेकिन फिर से किसी भी दूसरी पार्टी का सपोर्ट वजह से उनकी पार्टी एक बार फिर से गिर गई और पश्चात एक बार पुनः भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई लेकिन इस बार भी वह मात्र 13 माह के लिए सरकार बनी क्योंकि अन्ना देवेंद्र मुन्नेत्र ने अपना सब वापस कर लिया था|

जब हमारे भारत और पाकिस्तान के बीच सन 1999 में कारगिल युद्ध हुआ तब में विजई होने की वजह से अटल बिहारी बाजपेई को एक भाभी लीडर के रूप में जाना जाने लगा और तभी से उनकी पार्टी मजबूत हुई और अगले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीती और अटल बिहारी बाजपेई भारत के तीसरे प्रधानमंत्री बने|

अगला चुनाव जब सन 2004 में हुआ तब कांग्रेस पार्टी विजई रही जिस वजह से अटल बिहारी वाजपेई ने अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी इसके पश्चात उन्होंने अगला चुनाव सन 2009 में भागीदारी नहीं दिखाई|

अटल बिहारी वाजपेई जी प्रधानमंत्री बने उसके 1 माह पश्चात ही उनकी सरकार ने सन 1998 में पोखरण में पांच अंडर ग्राउंड नूक्लियर का टेस्ट कराया | और इस परीक्षण की चर्चा पूरे देश विदेश में रहे|

निधन

अटल बिहारी बाजपेई का निधन कारण डॉक्टरों द्वारा निमोनिया और बहू अंग विफलता बताया गया उनका निधन 16 अगस्त सन 2018 में हुआ था| ऐसा बताया जा रहा था कि अटल बिहारी वाजपेई को सन 2009 से ही बीमारियां थी जिस वजह से उनके सोचने की क्षमता पर बहुत असर पड़ रहा था और इसके पश्चात ही इनका निधन हुआ|

अटल बिहारी वाजपेई की ऊपर 7 दिनों तक अरे भारत देश की झंडे को झुकाया ऐसा ऐलान किया गया था|

Read Also – Baba amte information in hindi

निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में atal bihari vajpayee biography in hindi के बारे में बताया अगर आपको इनके बारे में जानकर अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते हैं|

Leave a Comment