धीरूभाई अंबानी जी के बारे में जानकारी 2021 | Dhirubhai ambani biography in hindi

दोस्तो आज मैं आप को बताने वाला हु धीरूभाई अंबानी के बारे में अर्थात आज का हमारा का विषय है dhirubhai ambani biography in hindi। धीरूभाई अंबानी का नाम तो हम सभी ने सुना है लेकीन उनके बारे में पूरी जानकारी नही है जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि biography of dhirubhai ambani , dhirubhai ambani story in hindi इसलिए मैं आप को उनके बारे में बताऊंगा

तो चलिए शुरू करते है।

धीरूभाई अंबानी जी के बारे में जानकारी | Dhirubhai ambani biography in hindi | biography of dhirubhai ambani

INFOGYANS

धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर १९३३ में जूनागढ़ में हुआ था जो वर्तमान समय में गुजरात राज्य में स्थित है इनके पिता का नाम हिराचंद गोर्धनभाई अंबानी तथा इनके माता का नाम जमनाबेन था।यह एक सामान्य परिवार था। उन्होने अपना पहला उद्योग गिरनार की पहाड़ियों पर तीर्थयात्रियों को पकोड़े बेच कर किया। उनके परिवार में आर्थिक समस्याएं थी जिस वजह से वो मात्र 10 कक्षा तक पढ़ा उसके पश्चात उन्होंने छोटे मोटे काम करना शुरू किया।

धीरूभाई अंबानी जब 16 वर्ष की आयु के थे तब वे एडन चले गए और वहा पर उन्होंने अ के साथ काम किया। बेस्सी और कं. में जब वो काम कर रह थे तब उनका वेतन मात्र 300 रुपए था। दो साल के बाद धीरूभाई अंबानी उस कंपनी के उत्पादक के वितरक बन गए।

धीरूभाई अंबानी की पत्नी का नाम कोकिलाबेन है इस दंपत्ति को 4 संताने प्राप्त हुई। मुकेश अंबानी अनिल अंबानी नीना कोठरी तथा दीप्ति सल्गाओकर था। धीरूभाई अंबानी ने 15000 जमा पूंजी लगा कर अपना एक प्यापर शुरू किया सन 1958 में जिसका नाम था रिलायंस वाणिज्यिक निगम।

इस कम्पनी का प्रथम व्यवसाय था पॉलिस्टर के सूट का आयात तथा मसलों का निर्यात करना । धीरूभाई अंबानी अपने चचेरे भाई चंपकलाल दिमानी के साथ मिल यह व्यापर शुरू किए थे । यह व्यापार एक 350 वर्ग फुट के कमरे से किए थे। जहा पर सिर्फ एक टेलीफोन एक मेज और तीन कुर्सियां रखी थी। सन 1965 में उनके चचेरे भाई चंपकलाल दिमानी के साथ धीरूभाई अंबानी की साझेदारी समाप्त हो गई और धीरूभाई अंबानी अब अकेले ही इस व्यापार को संभाल रहें थे। दोनो के विचार व्यापार के मामले में अलग अलग थे जिस वजह से दोनो अलग हो गए।

15000 की पूंजी का यह व्यापर १९६० में 10 लाख रुपए का आंका गया। धीरूभाई को कपड़े के व्यापार में फायदा दिखाने की वजह से उन्होंने सन 1966 में अहमदाबाद में एक कपड़े की मील की शुरुआत की। यह पर पॉलिस्टर के रेशों तथा सूतो को मिला कर कपड़े का निर्माण किया जाता था। धीरूभाई अंबानी ने एक ब्रांड की शुरुआत की जिसका नाम था विमल और उन्होंने यह नाम अपने बड़े भाई रमणिकलाल अंबानी के पुत्र विमल अंबानी पर रखा।

धीरूभाई अंबानी ने सामान्य शेयर की शुरुआत की थी उनके कंपनी रिलायंस का IPO पूरे भारत से अलग अलग भागो से 58000 से अधिक निवेशकों ने सन १९७७ में खरीदा। धीरूभाई ने वहा के लोगो को आश्वस्त किया कि जितने भी शेयरधारक है उनको अपने निवेश का केवल मुनाफा ही मिलेगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का वार्षिक आम बैठक सन 1986 में क्रॉस मैदान में हुआ था जहा पर 35000 से अधिक शेयरधारक ने हिस्सा लिया। धीरूभाई अंबानी की कुल राशि सन 1980 में 1 बिलियन बताई गई।

धीरूभाई अंबानी को एक बहुत बड़ा सदमा लगा था उसके बाद वो के एक हॉस्पिटल जिसका नाम था ब्रेच कैंडी उसमे 24 जून 2002 में भर्ती किए गये। धीरूभाई अंबानी का यह दूसरा सदमा था पहला सदमा उनको फरवरी माह में सन 1986 में आया था तब वे नयूब में हफ्ते भर के लिए कोमा में थे। उन्होंने अपनी आखिरी सांस 6 जुलाई 2002 में रात को 11:50 के करीब लिए।

उनके अंतिम संस्कार में कई सारी बडी हस्तियां आई हुई थी और उनके बड़े बेटे मुकेश अंबानी ने उनका अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं के अनुसार किया। धीरूभाई अंबानी एक महान उद्योगक थे उन्होंने अपना यह व्यापार मात्र 15000 रुपए से शुरू किया था और जब तक उनकी मृत्यु हुई तब तक उनके व्यापार की राशि 75000 करोड़ हो चुकी थी।

धीरूभाई अंबानी को कई सारे पुरस्कार भी दिए गए थे।
10 अगस्त 2001 में धीरूभाई अंबानी को द इकोनॉमिक टाइम्स लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया सर 26 जुलाई 1999 में इनको टी एन एस मोड सर्वे इंडियाज मोस्ट अदमायर्ड सी यू का पुरस्कार दिया गया। धीरूभाई अंबानी को कैमटेक फाउंडेशन मैन ऑफ द सेंचुरी का अवार्ड 8 नवंबर सन 2000 में दिया गया तथा 24 मार्च 2000 में इनको टिक्की इंडियन आंतरप्रेन्योर ऑफ द 20सेंचुरी का अवार्ड दिया गया।

29 मई 1998 में द एक्‍सरर्प्‍ ट फ्रॉम एशिया वीक 1998 का पुरस्कार दिया गया। द एक्‍सरर्प्‍ट फ्रॉम एशिया वीक 2000 का पुरस्कार उनको 26 मई 2000 मैं दिया गया तथा 8 जनवरी 2000 मैं इनको द टाइम्स ऑफ इंडिया क्रिएटर ऑफ द वेल्थ ऑफ द सेंचुरी का पुरस्कार दिया गया। 6 दिसंबर 1999 में इनको बिजनेस बारों इंडियन बिजनेस मैन ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया गया। 16 अक्टूबर 1998 में एशिया वीक हॉल ऑफ फेम का पुरस्कार मिला। 15 जून को इनको व्‍हार्टन डेल मॉडल फॉर धीरूभाई अंबानी तथा 29 जून को बिजनेस विद स्टार ऑफ द एशिया का पुरस्कार सन 1998 में दिया गया। तथा उसके पश्चात इनको 31 अक्टूबर 1999 में बिजनेस इंडिया बिजनेस मैन ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया गया।

12 फरवरी सन 2007 में एक फिल्म आई जिस पर आरोप लगाया गया कि यह फिल्म धीरूभाई अंबानी के जीवन पर आधारित है इस फिल्म में अभिषेक बच्चन मिथुन चक्रवर्ती ऐश्वर्या राय माधवन तथा विद्या बालन की। धीरूभाई अंबानी ने अपने व्यापार की शुरुआत मूल्य जेठा कपड़े के बाजार से एक छोटे व्यापारी के रूप में किया। धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के दो हिस्से हो गया जिसमें एक हिस्सा मुकेश अंबानी तथा दूसरा हिस्सा अनिल अंबानी को मिला यह दोनों भाई अपना अलग-अलग व्यापार शुरू की मुकेश अंबानी ने अपने कंपनी का नाम रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड रखा तथा अनिल अंबानी ने का नाम रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी रखा।

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निष्कर्ष

दोस्तों मैंने आपको इस ब्लॉग में बताया dhirubhai ambani biography in hindi। अगर आप को यह पसन्द आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करे और अगर कोई सवाल है तो वह भी पूछ सकते है।

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