गोल्डन टेंपल की जानकारी 2021 | Golden Temple In Hindi

दोस्तों आज मैं आपको इस ब्लॉग में बताने वाला हूं गोल्डन टेंपल के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है golden temple in hindi । गोल्डन टेंपल हमारे भारत देश में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है बहुत सारे लोगों की यह इच्छा होती है कि वह एक बार इस मंदिर में अवश्य जाएं लेकिन कई कारण वश वह नहीं जा पाते आपको इस मंदिर की सभी विशेषताएं और जानकारी दूंगा क्योंकि गूगल पर प्रतिदिन बहुत सारे सर्चस आते रहते हैं जैसे कि golden temple wikipedia in hindi , information about golden temple in hindi , golden temple history in hindi

तो चलिए शुरू करते हैं।

गोल्डन टेंपल की जानकारी | golden temple in hindi | golden temple wikipedia in hindi

गोल्डन टेंपल की जानकारी 2021 | Golden Temple In Hindi

गोल्डन टेंपल हमारे भारत देश में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है क्योंकि लोगों का ऐसा मानना है कि वहां पर मांगी गई मन्नत हमेशा पूरी हो जाती है।

हिंदी में इस मंदिर को स्वर्ण मंदिर कहा जाता है जो हमारे भारत देश के पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्थित है यह एक बहुत ही पवित्र स्थल माना जाता है।

पंजाब में मौजूद सभी सिख धर्म के लोगों के लिए यह एक बहुत ही पावन स्थल है स्वर्ण मंदिर सिर्फ नाम से नहीं बल्कि दिखने में भी स्वर्ण के जैसी ही है।

स्वर्ण मंदिर को देखने के लिए प्रतिदिन हजारों लाखों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगी हुई रहती है यह मंदिर बहुत ही पावन और धार्मिक स्थल है जिस वजह से यहां पर सभी लोग दर्शन करने आते हैं यह एक गुरुद्वारे के रूप में भी स्थित है सिख धर्म के अलावा भी किसी भी धर्म का व्यक्ति इस मंदिर में जा सकता है क्योंकि वहां पर जाना किसी को भी मना नहीं है।

स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ अमृतसर बसा हुआ है अमृतसर का नाम वहां के एक सरोवर के नाम पर रखा गया है जिसका निर्माण श्री गुरु राम दास द्वारा किया गया था।

स्वर्ण मंदिर इसी सरोवर के बीचों बीच स्थित है इस वजह से यह और भी ज्यादा पूरे देश में प्रसिद्ध है यह मंदिर का सामने के हिस्सा सोने का बना हुआ है जिस वजह से इसे हम स्वर्ण मंदिर और गोल्डन टेंपल के नाम से भी जानते हैं।

स्वर्ण मंदिर का इतिहास | golden temple history in hindi

स्वर्ण मंदिर के इतिहास से हमें बहुत कुछ सीख मिलती है और बहुत कुछ जानने भी मिलता है ऐसा कहा जाता है कि स्वर्ण मंदिर आज से पिछले कई सालों में कई बार तोड़ा जा चुका है लेकिन वह हमारे देश के सिख धर्म के लोगों के भक्ति और श्रद्धा की वजह से फिर से बनाया जाता है।

स्वर्ण मंदिर की नीव सिख धर्म के चौथे गुरु श्री राम दास द्वारा रखी गई थी और ऐसा कहा जाता है कि इन्होंने सूफी संत मियां मार से सन 1558 में रखवाई थी।

स्वर्ण मंदिर को 17 वी शताब्दी में एक बार फिर से बनवाया गया था और इस मंदिर को दोबारा बनवाने वाला राजा महाराज सरदार जस्सा सिंह अहलुवालिया थे जिन्होंने इस मंदिर को दोबारा बनवाया था।

यह मंदिर जितनी बार भी नष्ट किया गया है और जितनी बार भी इसे पुनः बनाकर तैयार किया गया है वह सभी इस मंदिर पर पूरी तरह से दर्शित है यदि आप वहां पर जाते हैं तो आपको यह देखने मिलेगा कि यह मंदिर किस सन में नष्ट किया गया था और किस सन में से पुनः बनाकर तैयार किया गया।

19वीं शताब्दी में अफगान के हमलावरों ने इस मंदिर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था और इस पुनः बनाकर तैयार किया गया और तब इसे बनाने वाले महाराजा रणजीत सिंह थे। और तब इसके ऊपर सोने की परत भी चढ़वाई थी इन्होंने।

सन 1984 में भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर पर अपना कब्जा बना लिया था और इसे अपना अड्डा बना कर रहने लगे थे और इन लोगों की यह मंशा थी कि है हिंदू स्थानों को पूरी तरह से नष्ट कर दें और हिंदू और सिख धर्म के लोगों को हत्या करें और उन्होंने सैकड़ों हिंदू और सिख धर्म के लोगों की हत्या की थी।

शुरुआती समय में सुरक्षा एजेंसियां अंदर घुसने का प्रयास नहीं कर रही थी लेकिन 10 दिन तक इसी तरह चलने की वजह से यह एजेंसियां अंदर घुसकर स्वर्ण मंदिर में ही इन आतंकियों को मार दिया था और इनके पास से पाकिस्तान के कई हथियार जब्त किए गए जो बहुत भारी मात्रा में थे और खतरनाक थे।

अन्य स्वर्ण मंदिर की जानकारी | information about golden temple in hindi

वर्तमान समय से 400 साल पीछे इस मंदिर का नक्शा गुरु अर्जुन देव जी ने बनाकर तैयार कर दिया गया था या मंदिर शिल्प कलाओं का बहुत ही अच्छा उदाहरण है।

श्री हरीमंदिर साहिब मैं दो बड़े बड़े परिसर है और कई सारे छोटे-छोटे तीर्थ स्थल है जो सभी श्रद्धालुओं और भक्तों के लिए बनाया गया है यह स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ फैला हुआ है स्वर्ण मंदिर अमृत झील एवं अमृत सरोवर के नाम पर रखा गया है।

स्वर्ण मंदिर के चार द्वारा यह मुख्य चार द्वार है और यहां पर श्री रामदास जी का सराय बना हुआ है। और यहां पर विश्राम स्थल भी है जो श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुले रहते हैं और इसके साथ-साथ यहां पर लंगर भी चलता रहता है।

स्वर्ण मंदिर अमृत सरोवर के बीचों बीच बना हुआ है हरीश मंदिर के चारों तरफ से सोने की परत चढ़ाई हुई है जिस वजह से इस मंदिर को स्वर्ण मंदिर और गोल्डन टेंपल के नाम से जाना जाता है।

इस सरोवर पर एक पुल बना हुआ है जो इस मंदिर को जोड़ता है अर्थात इसी पुल पर चढ़कर सभी श्रद्धालुओं से मंदिर तक पहुंचते हैं और उस सरोवर में बहुत सारी मछलियां भी हैं।

स्वर्ण मंदिर पूरे देश में इसी वजह से बहुत अधिक प्रसिद्ध है कि यहां पर सोने की परत चढ़ाई गई है और इस मंदिर में मांगी गई सभी मुरादें पूरी होने की वजह से लोग यहां पर कई राज्यों से आते हैं चाहे वह किसी भी धर्म का व्यक्ति हो इस मंदिर में जाने से उसे नहीं रोका जाता।

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निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में बताया golden temple in hindi। अगर आपको यह पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें और यदि आप चाहते हैं कि हम इसी तरह के golden temple in hindi अन्य विषय पर भी आपको जानकारी दे तो आप उसके लिए हमें कमेंट कर सकते हैं

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