मंगल पांडे के बारे में जानकारी 2021 | Information about mangal pandey in hindi

दोस्तो आज मैं आप को इस ब्लॉग में बताऊंगा मंगल पांडे जी के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है information about mangal pandey in hindi। मंगल पांडे जी के बारे में बहुत कम लोगो को पता है जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते है जैसे की information about mangal pandey in hindi language | mangal pandey biography in hindi इसलिए मैं आप को संपूर्ण जानकारी दूंगा।

तो चलिए शुरू करते है।

मंगल पांडे के बारे में जानकारी | Information about mangal pandey in hindi | information about mangal pandey in hindi language

INFOGYANS

मंगल पांडे एक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने हमारे भारत देश को स्वतंत्र कराने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया उनका जन्म हमारे भारतवर्ष के उत्तर प्रदेश राज्य के बलिया जिले के नगवा नामक एक छोटे से गांव में हुआ था यह ब्राह्मण परिवार से थे मंगल पांडे जी के पिताजी का नाम दिवाकर पांडे तथा उनकी माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। मंगल पांडे ब्राम्हण परिवार से थे जिस वजह से इनको 22 वर्ष की आयु में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34 वी बटालियन में भर्ती किया गया सन 1849 में। क्योंकि इस बटालियन में अत्यधिक ब्राह्मणों को ही भर्ती किया जाता था।

अंग्रेजी हुकूमत के प्रती हमारे देश के लोगो में पहले से ही नफरत थी क्युकी वो लोग ईस्ट इंडिया कम्पनी की रियासत व राज हड़प और ईसाई द्वारा धर्मान्तर की नीति की वजह से हमारे देशवासियों में आक्रोस पैदा कर दिया था। उसके बाद जब नई रायफल इनफील्ड पी ५३ में कारतूस को इस बंदूक में डालना था तब उस समय इस कारतूस को मुंह से खोलना पड़ता था उसके बाद उसे बंदूक में डाला जाता था। उसके बाद ऐसी खबर फैल गई की इस कारतूस को बनाने के लिए गाय तथा सूअर की चर्बी मिलाई जाती है।

जिस वजह से उस बटालियन में जितने भी ब्राम्हण थे उनके मन में यह बात बहुत घाव करी की यह अंग्रेज हमारा धर्म भ्रष्ट कर रहे है। क्युकी यह कार्य हिंदू तथा मुस्लिम दोनों के लिए सही नही था। भारतीय सेनाओं के साथ हो रहे भेदभाव की वजह से भारतीय सेना में अंग्रेजों के प्रति पहले से ही नफरत बनी हुई थी और यह कारतूस की खबर ने पूरे भारतीय सेना में और भी आग भड़का दी।

9 फरवरी 18 सो 57 में इसने कारतूस को पूर्व सेना में बांटा गया तब मंगल पांडे ने उसे लेने से साफ इंकार कर दिया इसके पश्चात मंगल पांडे उनके हथियार छीन लेने तथा उनकी वर्दी उतार लेने का आदेश दिया गया और इस आदेश को मंगल पांडे ने मानने से इनकार कर दिया जिस वजह से 29 मार्च सन 18 सो 57 को उनके राइफल छीनने के लिए आ रहे अंग्रेजी अफसर मेजर ह्यूसन पर मंगल पांडे ने आक्रमण कर दिया और यह कारतूस ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हुआ और मंगल पांडे द्वारा बैरकपुर छावनी में 29 मार्च 18 सो 57 में अंग्रेजों के प्रति विद्रोह की घोषणा की।

इस आक्रमण के पहले मंगल पांडे ने अपने साथियों से समर्थन मांगा था लेकिन अंग्रेजों की डर के कारण उनके किसी भी साथी ने उनका समर्थन नहीं दिया तब मंगल पांडे ने अकेले ही अपनी राइफल की मदद से उस अंग्रेज मेजर ह्युसन को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। उस अंग्रेज को मारने के बाद मंगल पांडे ने एक और अंग्रेज अधिकारी लेफ्टिनेंट बॉब को गोली मारकर उसको भी मौत के घाट उतार दिया इसके पश्चात अंग्रेजी सिपाहियों ने उनको पकड़ लिया और उन पर कोर्ट मार्शल द्वारा मुकदमा चलाया गया।

मंगल पांडे को 18 अप्रैल 1857 में फांसी की सजा सुनाई गई। और इस फैसले के अनुसार मंगल पांडे को उसी दिन फांसी की सजा दी जानी थी लेकिन ब्रिटिश सरकार ने मंगल पांडे को 10 दिन पहले ही फांसी की सजा दे दी अर्थात 8 अप्रैल 1857 को उनको फांसी दी गई।

मंगल पांडे ने जिस विद्रोह का बिगुल बजाया था वहएक महीने बाद मेरठ के सैनिक छावनी में भी बगावत हुई 10 मई सन 18 सो 57 को और यह विद्रोह कुछ ही समय में देखते देखते पूरे उत्तरी भारत में फैल चुका था।जब इसकी खबर अंग्रेजों को पता चली तो उन्होंने इस विद्रोह को दबाने में सफल हो गए लेकिन जगह-जगह संघर्ष भड़क उठने की वजह से मंगल पांडे द्वारा किया गया यह छोटा सा विद्रोह 90 वर्ष पश्चात आजादी के रूप में बदल गया।

इस हमारा पूरा भारत देश एक होने लगा सैनिकों समेत अपदस्थ राजा रजवाड़े किसान और मजदूर भी शामिल होने लगे जिस वजह से अंग्रेजी हुकूमत को एक बहुत ही बड़ा झटका दिया गया इस विद्रोह से अंग्रेजों को यह बात स्पष्ट पता चल गई थी कि अब उनको भारत पर राज करने में इतनी सरलता नहीं होगी जितना वह समझते थे।

मंगल पांडे द्वारा किया गया यह विद्रोह पूरे भारत देश में फैला और जिस वजह से हमें आज आजादी मिली है। मंगल पांडे ने खुद को गोली मार लिया था लेकिन हॉस्पिटल में उनका इलाज कराया गया और वह जब ठीक हुए तब उनको फांसी की सजा दी गई।

मंगल पांडे जी को हमारे देश में एक महान सैनिक का सम्मान दिया जाता है क्योंकि उनके द्वारा किए गए कार्यों की वजह से वर्तमान समय में हमारे भारत देश को आजादी मिली है मंगल पांडे को हमारे देश में बहुत ही सम्मान के साथ संबोधित किया जाता है।

मंगल पांडे ने हम भारतवासियों को एक नारा दिया वह था मारो फिरंगी यों को ब्रिटिश सरकार का हम भारतवासियों पर जुल्म बढ़ता देख मंगल पांडे ने जो विद्रोह शुरू किया था वह और भी भड़क गया और हमारे पूरे भारत देश में लोग इन अंग्रेजों को हमारे देश से भगाने की चेष्टा करने लगे और यही कारण है कि कई सारे स्वतंत्रता सेनानी बने हमारे भारत देश को आजाद कराने के लिए किसान एवं मजदूरों का बहुत बड़ा योगदान है क्योंकि उनके द्वारा भी कई सारे कार्य और संघर्ष किए गए हैं जितना जुल्म और कष्ट स्वतंत्रता सेनानी को होता था उतना ही इन किसानों और मजदूरों को भी क्योंकि अंग्रेज इन पर भी कई सारे जुल्म किया करते थे।

Read Also – Mahatma jyotiba phule information in hindi

निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में लिखकर बताया information about mangal pandey in hindi। अगर आपको किसी और स्वतंत्रता सेनानी के बारे में जानना है तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं।

Leave a Comment