लाला लाजपत राय जी के बारे में जानकारी 2021 | Lajpat rai information in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में बताने वाले हैं लाला लाजपत राय जी के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है lala lajpat rai information in hindi। लाला लाजपत राय जी का नाम आप सभी ने कभी ना कभी तो सुना ही होगा लेकिन इनके बारे में आज हम आपको कई बातें बताएंगे क्योंकि गूगल पर इस तरह के सर्च होते हैं जैसे कि information about lala lajpat rai in hindi , information on lala lajpat rai in hindi।

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लाला लाजपत राय जी के बारे में जानकारी 2021 | Lajpat rai information in hindi

लाला लाजपत राय जी का जन्म 28 जनवरी 1865 में पंजाब के मोगा जिले में अग्रवाल के परिवार में हुआ था। लाला लाजपत राय जी का अधिकांश जीवन अर्थात युवा अवस्था उन्होंने जगराओं में ही बिताई थी वर्तमान समय में उनके घर जगराओं में पुस्तकालय और संग्रहालय बना दिया गया है। लाला लाजपत राय जी हरियाणा के रोहतक और हिसार शहर में वकालत का कार्य भी किया है।

लाला लाजपत राय जी हमारे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जो दो दलों में विभाजित है एक नरम दल और गरम दल गरम दल के प्रमुख नेता थे इनके साथ बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल भी थे जिनको लाल बाल पाल के नाम से जाना चाहता है लाल बाल पाल ने ही सर्वप्रथम भारत में पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी उसके पश्चात पूरा भारत देश इनके साथ मिल गया और इन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती जी के साथ मिलकर पंजाब के एक आर्य समाज को लोकप्रिय बनाया।

इसके पश्चात उन्होंने लाला हंसराज एवं कल्याण चंद्र दिक्षित के साथ मिलकर दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय का प्रचार किया वर्तमान समय में उसको डीएवी स्कूल के नाम से जाना जाता है।

लाला लाजपत राय जी लाहौर में साइमन कश्मीर के विरुद्ध एक विशाल प्रदर्शन में हिस्सा लिया जो सन 1928 में 30 अक्टूबर को हुआ था। उस प्रदर्शन में लाला लाजपत राय जी बहुत ज्यादा घायल हुए क्योंकि वहां पर लाठीचार्ज किया गया था।

लाला लाजपत राय जी उस समय इस लाठीचार्ज के बाद कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी उसके पश्चात उन्होंने यह ठान लिया और वही हुआ। इसी प्रदर्शन के बाद जब उनको कई सारी चोटें लगी तब 17 नवंबर 1928 में उनका देहांत हो गया।

लाला लाजपत राय जी का मौत का बदला लेने के लिए पूरा देश उठ गया और चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव एवं कई अन्य क्रांतिकारियों ने मिलकर इनके मौत का बदला लेने का निश्चय किया।

लाला लाजपत राय जी के मौत के बाद ही इन सभी क्रांतिकारियों ने 17 दिसंबर 1928 में एक ब्रिटिश सरकार की पुलिस के अफसर सांडर्स को गोली मार के उड़ा दिया और इस अफसर को गोली मारने के जुर्म में राजगुरु सुखदेव और भगत सिंह को फांसी की सजा सुना दी गई।

लाला लाजपत राय जी ने कई महापुरुषों की कहानियां शिवाजी कृष्ण की जीवनी लिखी और उन्होंने पंजाब में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए बहुत ही बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया इन्होंने पूरे देश भर में हिंदू लागू करने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था।

लाला लाजपत राय जी को पंजाब केसरी भी कहा जाता था इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा की कंपनियों का स्थापना किया था। लाला लाजपत राय जी ने कई प्राचीन विद्या धर्म और संस्कृति का बहुत ही गहन रूप से अध्ययन किया था विदेशी शासक के विरोधी थे यह अपनी शिक्षा संपन्न करने के पश्चात ही राजनीति में संलग्न हो गए।

लाला लाजपत राय जी के पिता का नाम राधाकृष्णन था और इनकी माता जी का नाम गुलाब देवी अग्रवाल था। लाला लाजपत राय जी ने पूरी जनता में संघर्ष के लिए प्रेरित करने के लिए कायस्थ समाचार का उपयोग किया अर्थात उस के माध्यम से उन्होंने पूरी जनता में संघर्ष को लेकर उन सभी को प्रेरित किया।

लाला लाजपत राय जी के पिताजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में एक शिक्षक थे उसी विद्यालय से लाला लाजपत राय जी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा हासिल की उसके पश्चात वह अपनी लॉ की पढ़ाई करने के लिए 1807 में एक सरकारी कॉलेज में दाखिला लिया जो लाहौर में स्थित था ।लाला लाजपत राय जी का पूरा परिवार 1886 हिसार शिफ्ट हो गया । लाला लाजपत राय जी ने सन सन 18 सो 86 और 18 सो 89 में कांग्रेस के कई प्रतिनिधि के तौर पर हिस्सा लिया उसके पश्चात वह सन 18 सो 92 में वकालत करने के लिए लाहौर चले गए।

लाला लाजपत राय जी का मन बचपन से ही देश की सेवा के लिए उत्तेजित रहता था और उन्होंने यह प्रण किया था कि वह विदेशी शासक से भारत वर्ष को आजाद करा कर रहेंगे वह अपने कॉलेज के दिनों में कई क्रांतिकारियों के संपर्क में आए जैसे लाल हंसराज और पंडित गुरुदत्त।

लाला लाजपत राय जी कुछ दिनों में अपनी वकालत छोड़ कर भारतवर्ष को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ इसमें झोंक दिया उसके पश्चात उनको इस बात का अंदाजा हुआ कि यदि वह हमारे देश को आजाद कराने चाहते हैं तो उसके लिए उनको ब्रिटिश शासक के अत्याचारों को पूरे देश के सामने रखना होगा ताकि देश की अन्य जनता भी भारत देश को आजाद कराने के लिए सहयोग दें। इसके लिए वह सन 1914 में ब्रिटेन गए और फिर 1917 में यूएसए। उसके पश्चात उन्होंने न्यूयॉर्क में इंडियन होमरूल लीग की स्थापना की सन 1917 के अक्टूबर माह में।

उसके पश्चात वह 3 वर्षों तक अमेरिका में रहे। जब हमारे देश में जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ तब लाला लाजपत राय जी ने ब्रिटिश शासक के खिलाफ उग्र आंदोलन किया। सन 1920 में महात्मा गांधी असहयोग आंदोलन छोड़ दिया था तब लाला लाजपत राय जी ने उस आंदोलन का पंजाब में नेतृत्व किया। उसके पश्चात हमारे भारत देश में चौरी चौरा घटना हुआ उसमें महात्मा गांधी जी ने असहयोग आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया लेकिन लाला लाजपत राय जी ने उनके इस निर्णय का विरोध किया और उन्होंने बाद में कांग्रेसी इंडिपेंडेंट पार्टी की स्थापना की।

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निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में लिखकर बताया lala lajpat rai information in hindi। अगर आपको यह विषय पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है या आप हमें कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो उसके लिए आप हमें कमेंट कर सकते हैं।

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