मायावती जी के बारे में जानकारी 2021 | Mayawati biography in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में मायावती के बारे में बताने वाले हैं अर्थात आज का हमारा विषय है mayawati biography in hindi। मायावती का नाम बहुत कम लोगों को पता होगा जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि biography of mayawati in hindi , mayawati profile in hindi इसलिए आज मैं आपको उनके बारे में बताऊंगा।

तो चलिए शुरू करते हैं

मायावती जी के बारे में जानकारी | Mayawati biography in hindi | biography of mayawati in hindi

mayawati biography in hindi

मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 में हुआ था। इनके पिता का नाम प्रभु दास था तथा इनकी माता का नाम राम राठी था। मायावती के पिता गौतम बुद्ध नगर मे डाकघर के कर्मचारी थे और मायावती के अन्य भाई बहन थे जिसमें 6 भाई एवं दो बहने थी और मायावती को उनके राजनीतिक कार्यकाल के दौरान बहन जी के नाम से जाना जाता है।

मायावती कालिंदी कॉलेज से अपनी स्नातक की उपाधि प्राप्त करें जो कि दिल्ली में स्थित है तथा उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ही एलएलबी तथा बी डी की पढ़ाई पूर्ण करें। लेकिन उनके पिता उनको कलेक्टर बनाना चाहते थे जिस वजह से मायावती ने अपना बहुत सारा वक्त उसकी तैयारी में लगवा दिया। मायावती के जीवन में काशीराम का बहुत प्रभाव था जिस वजह से उनके पिता इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं थे और उन्होंने कांशी राम के पद चिन्हों पर उनको चलने से मना किया एवं समझाया लेकिन मायावती उनकी बातों को अनसुनी कर काशीराम के द्वारा किए जाने वाले सभी परियोजनाओं में शामिल हो गई।

मायावती का राजनीतिक जीवन

कलेक्टर की तैयारी करते समय मायावती सन 1984 तक एक शिक्षक स्वरूप कार्य किया है। उनके जीवन में कांशी राम का बहुत प्रभाव था जिस वजह से वह उनके परियोजनाओं में शामिल हुआ करती थी और जब कांशी राम ने राजनीतिक दल बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की सन 1984 में तब मायावती अपने शिक्षक की नौकरी छोड़कर उनके पार्टी में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गई और उसी वर्ष उन्होंने मुजफ्फरनगर जिले की लोकसभा सीट से अपना पहला चुनाव अभियान आरंभ किया।

लेकिन सन 1987 तक उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत की लेकिन वह चुनाव नहीं जीत रही थी लेकिन सन 1989 में उन्होंने 13 सीटों के साथ अपना पहला बहुजन समाज पार्टी का चुनाव जीता।यह पार्टी पिछड़े वर्ग के लोगों एवं दलितों के लिए कई सारे कार्य करना शुरू किया जिस वजह से यह उनमें बहुत ही देवता से बढ़ने लगी और सन 1995 में मायावती उत्तर प्रदेश की गठबंधन सरकार बनाई।

मायावती को सन 2001 में कांशी राम द्वारा बहुजन समाज पार्टी का उत्तराधिकारी घोषित किया और सन 2002 और 3 में भारतीय जनता पार्टी द्वारा गठबंधन करके मायावती एक बार पुनः प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत हुई लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने अपना समर्थन सरकार से वापस ले लिया जिस वजह से मायावती की सरकार गिर गई और इसके पश्चात मुलायम सिंह यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री स्वरूप चुना गया।

विधानसभा के चुनाव के बाद मायावती सन 2007 में एक बार पुनः अपने सत्ता में लौटी और उत्तर प्रदेश की पुनः मुख्यमंत्री बनी। लेकिन मायावती के शासनकाल के दौरान बहुजन समाज पार्टी का विस्तार ना हो पाया क्योंकि उनके शासन काल में ज्यादातर पिछड़े वर्ग के लोगों ने ही उनका समर्थन नहीं दिया। मायावती अपने राजनीतिक काल में दलितों एवं बौद्ध धर्म के सम्मान में के लिए कई सारे स्मारक का निर्माण करवाया। मायावती का चुनाव चिन्ह हाथी था।

विवाद

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सन 2002 में उनके घर पर ताज हेरीटेज कॉरिडोर से संबंधित पैसों के मामले में उनके घर पर छापामारी।
राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने यह कहा कि मायावती के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे जिस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका को खारिज किया।

सीबीआई द्वारा मायावती के खिलाफ औपचारिक स्रोतों के साथ आए से अधिक संपत्ति होने का मामला दर्ज कराया लेकिन मायावती ने इस बात को इनकार किया और उन्होंने कहा कि यह उनके आगे का हिस्सा नहीं है बल्कि उनके समर्थकों द्वारा दिए जाने वाले गिफ्ट्स हैं। जिस वजह से केंद्र सरकार ने मायावती के खिलाफ इस आरोप को रद्द कर दिया और कुछ समय पश्चात यह केस पूरी तरह से बंद हो गया।

मायावती कई सारे विवादों में फंस चुकी थी जिसमें से एक था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बौद्ध एवं दलितों के लिए प्रतिमाएं स्थापित कराई थी जिसके वह खुद शामिल थी जिस वजह से उनकी कई सारी आलोचनाएं भी हुई।सन 2019 में मायावती ने जिस मूर्ति को बनवाया था सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन मूर्तियों पर किए जाने वाले खर्चे का स्पष्टीकरण मांगा था।

मायावती जब तक अपने कार्यकाल में थी तब तक उन्होंने दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को ही मदद किया एवं कुछ समय पश्चात ही उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों से ही पिछड़े वर्ग के लोगों ने उनका साथ छोड़ा जिस वजह से उनकी सरकार गिरती गई और अब मायावती पुनः सत्ता में आने के लिए किसी भी तरह का प्रयास नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने इसे सत्ता से इस्तीफा दे दिया है।

मायावती द्वारा लिखी गई कुछ पुस्तकें

बहुजन समाज और उनकी राजनीति यह पुस्तक बहुजन समाज पार्टी की 25वीं सालगिरह पर कांशी राम द्वारा प्रकाशित की गई थी।
मेरा संघर्षमय जीवन एवं बहुजन आंदोलन का सफरनामा यह पुस्तक मायावती के 50 वें जन्म दिन अर्थात 15 जनवरी 2006 को प्रकाशित की गई थी।
my struggle ridden life and bahujan samaj यह पुस्तक 15 मार्च 2008 में प्रकाशित की गई।

मायावती के जीवन में कई सारे संघर्ष एवं कठिनाइयां आए लेकिन वह अपने आपको कभी भी कमजोर ना होने दी जिस वजह से मायावती कई सारे पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी थी और इनकी कार्यकाल में इन्होंने पिछड़े वर्ग के लोगों को जिनको लोग बिल्कुल भी मान सम्मान नहीं दिया करते थे उनके लिए कई सारे कार्य किए जिस वजह से वह सभी लोग इनसे बहुत प्रसन्न हुए।

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निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में mayawati biography in hindi के बारे में बताया अगर आपको यह विषय पसंद आया हो तो आपसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे बिना किसी हिचकिचाहट के पूछ सकते हैं हम आपके द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब अवश्य ही देंगे।

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