Sunday, January 29, 2023

पारसी नए साल के बारे में जानकारी 2021 | Parsi New Year Information In Hindi

दोस्तों आज मैं आपको बताने वाला हूं पारसी नए साल के बारे में और अर्थात आज का हमारा विषय है parsi new year information in hindi। यह त्यौहार पारसी समुदाय के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण दिन होता है। navroz festival in hindi इस तरह के गूगल पर प्रतिदिन खोज की जाती है इसलिए मैं अपने सभी ऑडियंस के लिए इस विषय पर जानकारी देना महत्वपूर्ण समझा।

तो चलिए शुरू करते हैं parsi new year in hindi

पारसी नए साल के बारे में जानकारी | parsi new year information in hindi | navroz festival in hindi

पारसी नए साल के बारे में जानकारी 2021 | Parsi New Year Information In Hindi

हम सब को यह बात विधि है कि हमारा भारत देश कई धर्म और समुदाय के लोगों से मिलकर बना है और यहां पर हर समुदाय का अपना अलग-अलग पंचांग एवं त्यौहार होता है जो वह लोग मनाते हैं। जिस तरह से हम हिंदू समुदाय के लोगों का नए वर्ष की शुरुआत गुड़ी पड़वा के दिन होती है उसी तरह पारसी समुदाय के लोगों के नए साल की शुरुआत पारसी त्यौहार में होती है। इस दिन को नवरोज का त्यौहार भी कहा जाता है।

यह त्यौहार पारसी समुदाय के लोग अगस्त माह में मनाते हैं। जब ईरान देश में सन 1380 ईस्वी पूर्व धर्म परिवर्तन का लहर आया था अर्थात वहां पर रहने वाले जितने भी पारसी समुदाय के लोग पर वह सभी अपना धर्म परिवर्तन कर रहे थे लेकिन कुछ लोगों को यह पसंद नहीं था उन्हें अपना धर्म परिवर्तन नहीं करना था वैसे लोग स्थान को छोड़कर भारत आ गए और भारत में आकर अपने इस धर्म को अभी तक संजोए रखा है। सबसे खास बात यह है कि इस समुदाय के लोग धर्म परिवर्तन के बहुत ज्यादा खिलाफ होते हैं।

वर्तमान समय में भी यदि कोई पारसी समुदाय की लड़की किसी अन्य धर्म के लड़के से यद्यपि शादी कर ले तो वह लड़की पारसी समुदाय से जुड़ी रह सकती है लेकिन उसके पति और बच्चों को उस समुदाय में जुड़ने का अधिकार नहीं दिया गया है। उसी तरह लड़के के साथ भी होता है यदि कोई पारसी समुदाय का लड़का किसी अन्य धर्म की लड़की के साथ शादी कर ले तो वह अपने समुदाय के साथ रह सकता है लेकिन उसकी पत्नी को उस समुदाय में अभी भी जुड़ने का अधिकार नहीं है।

पारसी समुदाय के सभी सदस्यों के लिए 1 साल में 360 दिन माने जाते हैं और बाकी के जो 5 दिन होते हैं वह उनके पूर्वजों को याद करने की दिन होते हैं अर्थात गाथा करने के दिन होते हैं। पारसी समुदाय में 360 दिन का ही पंचांग बनता है। जब पारसी समुदाय के पंचांग के अनुसार साल खत्म होने वाले रहता है तब उसके ठीक 5 दिन पहले पारसी समुदाय के लोग गाथा करते हैं अर्थात अपने पूर्वजों को याद करते हैं। गाथा करने का भी एक अलग तरीका है पारसी समुदाय के लोग सुबह 3:30 बजे उठकर चांदी के बर्तनों में फूल को सजा कर अपने पूर्वजों को याद करते हैं।

पारसी समुदाय के लोग नवरोज के दिन अर्थात पारसी न्यू ईयर के दिन अपने घर में कई तरह के व्यंजन तैयार करते हैं और अपने घर पर आने वाले सभी मेहमानों को वह लोग फालूदा खिलाते हैं और इस दिन वह एक दूसरे के घर पर जाते हैं और वहां पर एक दूसरे को बधाई देते हैं। यह त्यौहार पारसी समुदाय के लोगों द्वारा बहुत ही खास तरीके से मनाया जाता है क्योंकि यह उनके नए वर्ष की शुरुआत होती है। जिस तरह से हम सभी हिंदू धर्म के लोग अपने नए साल की शुरुआत बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ करते हैं उसी तरह से पारसी समुदाय के लोगों में भी नवरोज का यह त्यौहार बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

इसे समुदाय के सभी लोग इस त्यौहार को मनाने के लिए अपने घरों में कई दिन पहले से ही शुरुआत कर देते हैं वह लोग अपने घर एवं दुकानों को अच्छी तरह से सजाना और उनको साफ सुथरा करने का कार्यक्रम शुरू कर देते हैं और जब नवरोज का त्यौहार मनाया जाता है तब यह बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ इस त्योहार को मनाते हैं।

सुबह का नाश्ता कर लेने के बाद पारसी समुदाय के लोग अग्नि मंदिर जाते हैं और वहां पर अपने परिवार और रिश्तेदारों के लिए प्रार्थना करते हैं। इस समुदाय में रहने वाले जितने भी लोग हैं जो अच्छे कार्य करते हैं और जो बुरे कार्य करते हैं वह सभी इस दिन अपने कार्य पर विचार करके आने वाले समय में सही मार्ग पर चलने की संकल्पना करते हैं।

जिस तरह हमारे देश में 1 जनवरी को नया वर्ष के रूप में मनाया जाता है उसी तरह पारसी समुदाय के लोग 17 मार्च को नए वर्ष का त्यौहार मनाते हैं अर्थात नए वर्ष के रूप में मनाया जाता है।
आज से लगभग 3000 वर्ष पहले 17 अगस्त को जरथुस्त्र वंश के शासक शाह जमशेद ने सिंहासन ग्रहण किया था। राजा साहब जमशेद नहीं पारसी कैलेंडर का निर्माण किया था जिसे शहंशाही कहा जाता था। यह कैलेंडर अर्थात शहंशाही के अनुसार पारसी समुदाय का नया वर्ष की शुरुआत 17 मार्च तारीख को होती है इसलिए सभी पारसी धर्म के लोग अपने नया साल 17 मार्च को मनाते हैं और उस दिन अपने राजा शाह जमशेद को याद करते हैं।

यह त्यौहार सिर्फ हमारे भारत देश में ही नहीं बल्कि अन्य उन देशों में भी मनाया जाता है जहां पर पारसी समुदाय के लोग रहते हैं जैसे ईरान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, जॉर्जिया, भारत, इराक, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, सीरिया, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान। इन सभी देशों में भी नवरोज का त्यौहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

इस दिन सभी पारसी समुदाय के लोग अपने रिश्तेदारों एवं आस पड़ोस में रहने वाले सभी व्यक्ति को अपने घर पर आमंत्रित करते हैं और उनको स्वादिष्ट व्यंजन और भोजन खिलाते हैं और इसी तरह व उनके घर पर भी जाते हैं और तरह-तरह के व्यंजन का आनंद उठाते हैं नवरोज का यह त्यौहार बहुत ही जश्न से मनाया जाता है।

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निष्कर्ष

दोस्तों की हमने आपको इस ब्लॉग में बताया, parsi new year information in hindi। यदि आपको यह विषय पसंद आया हो तो आप इसे अपने रिश्तेदारों एवं दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आप चाहते हैं कि हम इसी तरह parsi new year information in hindi के अन्य विषय पर भी आपको जानकारी दें तो आप उसके लिए हमें कमेंट कर सकते हैं हम अवश्य ही आपको उस विषय पर जानकारी देंगे।

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