मुंशी प्रेमचंद्र जी के बारे में जानकारी 2021 | Premchand information in hindi

दोस्तों आज मैं आपको एक ब्लॉग में बताने वाला हूं मुंशी प्रेमचंद जी के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है premchand information in hindi। मुंशी प्रेमचंद जी के बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा इसलिए आज आप को उनके बारे में संपूर्ण जानकारी इस ब्लॉग में मिल जाएगी तो इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें क्योंकि गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते हैं जैसे कि information about premchand in hindi , information about munshi premchand in hindi

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मुंशी प्रेमचंद्र जी के बारे में जानकारी | Premchand information in hindi | information about premchand in hindi

मुंशी प्रेमचंद्र जी के बारे में जानकारी 2021 | Premchand information in hindi

मुंशी प्रेमचंद्र जी का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में लमही एक छोटे से गांव में हुआ था 31 जुलाई सन 1880 मे कायस्थ परिवार में जन्मे थे। इनके माता का नाम आनंदी देवी तथा इनके पिताजी का नाम मुंशी अजायब राय था।

इनके पिता जी लमही गांव के डाक मुंशी थे। धनपत राय श्रीवास्तव यह मुंशी प्रेमचंद्र जी का वास्तविक नाम था लेकिन लोग उनको मुंशी प्रेमचंद जी के नाम से जानते हैं।

मुंशी प्रेमचंद जी की प्रारंभिक शिक्षा फारसी में हुई थी। रामविलास शर्मा जी मुंशी प्रेमचंद्र जी के माता पिता के बारे में संबंध के बारे में बताते हैं उन्होंने लिखा था कि जब वह 7 साल के थे तब उनकी माता का देहांत हो गया था और मुंशी प्रेमचंद जी का विवाह 15 वर्ष की आयु में ही करा दिया गया था और जब वह 16 वर्ष के हुए तब उनके पिताजी का भी देहांत हो गया।

इन सभी कारणों की वजह से मुंशी प्रेमचंद जी का प्रारंभिक जीवन बहुत ही संकट में और संघर्ष में रहा। मुंशी प्रेमचंद जी की दो शादियां हुई थी एक जब वह 15 वर्ष की आयु के थे तब और दूसरी शादी इनकी 1906 में हुआ उनकी पत्नी का नाम शिवरानी देवी था जो बाल विधवा थी। यह एक पढ़ी-लिखी महिला थी जिन्होंने कुछ कहानियां और पुस्तक भी लिखी है मुंशी प्रेमचंद्र जी और शिवरानी देवी क्यों तीन संताने प्राप्त हुई श्रीपत राय अमृत राय और कमला देवी श्रीवास्तव।

मुंशी प्रेमचंद जी जब अपनी मैट्रिक की शिक्षा 18 सो 98 में पूर्ण की उसके पश्चात उनको एक स्थाई विद्यालय में शिक्षक नियुक्त कर दिया गया उसके पश्चात भी अपनी पढ़ाई जारी रखें और इन्होंने 1910 में अंग्रेजी दर्शन फारसी और इतिहास से अपनी ट्वेल्थ की पढ़ाई अर्थात इंटर पास किया और उन्होंने 1919 में अंग्रेजी फारसी और इतिहास से अपनी b.a. की पढ़ाई पूर्ण की।

महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन सन 1921 के दौरान जब सरकारी पदों को त्यागने का आवाहन किया गया था तब मुझे प्रेमचंद जी स्कूल स्पेक्टर की पद से 23 जून को त्यागपत्र दे दिया।

अपने इस पद से त्यागपत्र देने के पहचान मुंशी प्रेमचंद जी ने लिखने को ही अपना व्यापार बना लिया। मुंशी प्रेमचंद जी का साहित्यिक जीवन सन उन्नीस सौ एक में आरंभ हो गया था उस दौरान उर्दू में लिखा करते थे और उनका नाम नवाब राय था।

मुझे प्रेमचंद जी का पहला लेख उर्दू उपन्यास असरारे म आबिद था जो एक धारावाहिक के रूप में प्रकाशित हुआ यह हम सबको उपलब्ध है लेकिन इनका पहला रचना जो प्रकाशित नहीं हुई वह एक नाटक था। उनकी सी रचना को हिंदी में प्रकाशित करते हुए इसका नाम देवस्थान रहस्य रखा गया और मुंशी प्रेमचंद जी का दूसरा उपन्यास हमखुर्मा व हमासवाब था और इस को प्रकाशित करने के बाद इस का हिंदी रूपांतरण सन उन्नीस सौ सात में प्रेमा के नाम से प्रकाशित हुआ।

मुंशी प्रेमचंद जी की पहली कहानी 1908 में सोजे वतन के नाम से प्रकाशित हुई देशभक्ति की भावना की वजह से अंग्रेज सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया और उनके द्वारा लिखी गई सभी रचनाएं जप्त कर ली गई और उनको भविष्य में लिख न लिखने के ऊपर चेतावनी दी गई जिस वजह से मुंशी प्रेमचंद जी ने अपना नाम नवाब राय से प्रेम चंद रख लिया।

मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा कई कहानियां और उपन्यास लिखे गए जो बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुए मैं आपको उनके कुछ नाम बताता हूं।

  1. आत्माराम
  2. दो बैलों की कथा
  3. आल्हा
  4. इज्जत का खून
  5. इस्तीफा
  6. ईदगाह
  7. कप्तान साहब
  8. कर्मों का फल
  9. क्रिकेट मैच
  10. कवच
  11. क़ातिल
  12. कोई दुख न हो तो बकरी खरीद ला
  13. गैरत की कटार
  14. गुल्‍ली डण्डा
  15. घमण्ड का पुतला
  16. ज्‍योति
  17. जेल
  18. जुलूस
  19. झांकी
  20. ठाकुर का कुआं
  21. त्रिया-चरित्र
  22. तांगेवाले की बड़
  23. दण्ड
  24. दुर्गा का मन्दिर
  25. पूस की रात
  26. बड़े घर की बेटी
  27. बड़े बाबू
  28. बड़े भाई साहब
  29. बन्द दरवाजा
  30. बोहनी
  31. मैकू
  32. मन्त्र
  33. सौत
  34. नमक का दरोगा
  35. सवा सेर गेहुँ
  36. कफ़न
  37. पंच परमेश्वर

मुंशी प्रेमचंद के प्रमुख उपन्यासों की सूची:-

  1. रूठी रानी
  2. वरदान
  3. सेवा सदन
  4. प्रेमाश्रम
  5. रंगभूमि
  6. निर्मला
  7. प्रतिज्ञा
  8. कर्मभूमि
  9. गबन
  10. गोदान
  11. मंगलसूत्र (अधूरा) उसके पश्चात इस उपन्यास को उनके पुत्र ने पूरा किया।

यह मैंने आपको सिर्फ कुछ ही कहानी और उपन्यासों के बारे में बताया कर उनकी संपूर्ण कहानियों के बारे में बताऊंगा तो यह बहुत ज्यादा बड़ा हो जाएगा।

वर्तमान समय में हम जिस जागरण समाचार पत्र को पढ़ते हैं वह मुंशी प्रेमचंद्र जी ने संपादन किया था और हंस नाम का मासिक साहित्य पत्रिका भी मुझे प्रेमचंद दीजिए और अब संपादन किया गया था।मुंशी प्रेमचंद्र जी उर्दू में भी पत्रिका लिखा करते थे जिसका नाम जमाना था वह उस पत्रिका को नवाब राय के नाम से लिखते थे।

प्रेमचंद्र प्रेमचंद्र जी द्वारा वर्तमान समय में भी प्रसिद्ध है उनकी रचनाएं और उपन्यास वह लगभग 100 से अधिक कहानियां लिख चुके हैं जिनमें से मैंने आपको कुछ नाम बताएं मुझे प्रेम जी की स्वास्थ्य खराब होने लगी और उनको कई तरह की बीमारियां लग गई और एक लंबे बीमारी की वजह से उनकी मौत 8 अक्टूबर 1936 में हुए वर्तमान समय भी मुंशी प्रेमचंद्र जी सभी को एक लेखक के रूप में मिलते हैं जो पड़ता है उनके सामने बैठ कर सुना रहे हो।

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निष्कर्ष

दोस्तो अभी मैंने आपको इस ब्लॉग में बताया premchand information in hindi। अगर आपको यह पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे पूछ सकते हैं और कमेंट में हमें अपना सुझाव भी दे सकते हैं।

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