रविंद्र नाथ टैगोर के बारे में जानकारी 2021 | Rabindranath Tagore Information In Hindi

आज हम आपको ब्लॉग में बताने जा रहे हैं रविंद्र नाथ टैगोर जी के बारे में आज का हमारा विषय है rabindranath tagore information in hindi। इनके बारे में हम सभी ने कभी ना कभी तो सुना ही है इसीलिए गूगल पर हम उनके बारे में सर्च करते हैं कि हमें इनके बारे में जानकारी प्राप्त हो लेकिन आज हम आपको इस ब्लॉग में rabindranath tagore in hindi information , information of rabindranath tagore in hindi पूरी जानकारी देंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं।

रविंद्र नाथ टैगोर के बारे में जानकारी | Rabindranath Tagore Information In Hindi | rabindranath tagore in hindi information

रविंद्र नाथ टैगोर के बारे में जानकारी 2021 | Rabindranath Tagore Information In Hindi

रविंद्र नाथ टैगोर का जीवन परिचय।

रवींद्रनाथ टैगोर जी का जन्म 7 मई 18 61 में हुआ था। यह कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाडी में हुआ था। रविंद्र नाथ टैगोर जी के पिताजी का नाम देवेंद्र नाथ टैगोर था और उनकी माता का नाम शारदा देवी था रविंद्र नाथ टैगोर की प्रारंभिक शिक्षा प्रतिष्ठित सेंट जेवियर स्कूल मैं हुई थी। इन्होंने बैरिस्टर बनाने की इच्छा से अपना नाम इंग्लैंड के एक पब्लिक स्कूल में दाखिल किया सन 1878 में।

रविंद्र टैगोर लंदन के विश्वविद्यालय में कानूनी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे लेकिन वह अपनी डिग्री पूर्ण होने से पहले ही अपने देश लौट आए थे। सन 18 सो 80 में यह अपने देश वापस आ गए थे लंदन से इन्होंने अपनी शिक्षा वहीं पर छोड़ दी थी।

इनकी शादी 1883 ईस्वी में हो गई थी। उनकी पत्नी का नाम मृणालिनी देवी था। रविंद्र नाथ टैगोर जी के माता का निधन उनके बचपन में ही हो जाने की वजह से उनका पालन पोषण नौकरों द्वारा किया गया क्योंकि उसके पिताजी व्यापार के सिलसिले में अक्सर यात्रा पर ही रहते थे जिस वजह से उनके पूरा देखरेख उनके नौकरों के ऊपर रहता था और उन्होंने ही इनका पालन पोषण किया है।

द्विजेंद्र नाथ टैगोर रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई थे और वह एक दार्शनिक और कवि थे। रवींद्रनाथ टैगोर के दूसरे भाई सत्येंद्रनाथ कुलीन और यूरोपियन सिविल सेवा के लिए नियुक्त किया गया पहले भारतीय व्यक्ति थे। रविंद्र नाथ टैगोर जी के एक भाई ज्योतिरिंद्रनाथ जी साहित्यकार और नाटककार थे तथा उनकी बहन स्वर्णकुमारी उपन्यास लिखा करती थी।

ज्योतिरिंद्रनाथ जी की पत्नी कादंबरी देवी जो रवींद्रनाथ टैगोर जी की प्रिय मित्र भी थी उन्होंने १८८४ में आत्महत्या कर ली जिस वजह से रवींद्रनाथ टैगोर जी के पूरे परिवार को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

वो बचपन से ही कविता छंद और भाषा में बहुत रुचि रखते थे जिस वजह से उनकी इस प्रतिभा को सभी लोग जान लिए थे। रवींद्रनाथ टैगोर जी बचपन से ही बहुत तेजस्वी थे उन्होंने 8 वर्ष की आयु में एक कविता लिखी वह उनकी पहली कविता थी।

रवींद्रनाथ टैगोर जी की पहली लघुकथा सन १८७७ में प्रकाशित की गई और हम आप को बता दे उस समय वो सिर्फ 16 वर्ष के थे।
उपन्यास, निबंध, लघु कथाएँ, यात्रावृन्त, नाटक और सहस्रो यह सभी रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी गई है जो उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में लिखा है अर्थात यह सभी वह अपने जीवन काल में लिखे थे। रविंद्र नाथ टैगोर हमेशा पद कविताएं लिखा करते थे लेकिन वह जब कभी भी गद्य कथाएं लिखते तो वह भी बहुत ज्यादा प्रचलित हो जाती थी अर्थात गद्य और पद्य उनका दोनों ही प्रचलित होता था।

रविंद्रनाथ टैगोर जी ने बहुत सारी रचनाएं की हैं मैं आपको उनकी रचनाओं के नाम बताता हूं
गीतांजलि
पूरबी प्रवाहिन
शिशु भोलानाथ
महुआ
वनवाणी
परिशेष
पुनश्च
वीथिका शेषलेखा
चोखेरबाली
कणिका
नैवेद्य मायेर खेला
क्षणिका
गीतिमाल्य
कथा ओ कहानी

यह सभी रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी गई रचनाएं हैं।

रविंद्र नाथ टैगोर जी ने अपने पूरे जीवन काल में लगभग 2230 संगीत लिखे थे और यह बांग्ला संस्कृत के अभिन्न अंग हैं। रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी गई संगीता को यह बांग्ला के संस्कृति से अलग नहीं कर सकते। रविंद्र नाथ टैगोर जी की बहुत सारी रचनाएं अब संगीत में प्रचलित होने लगी है रविंद्रनाथ टैगोर जी को प्राकृत से बहुत ज्यादा लगाव था जिस वजह से हुआ है किसी भी राग को इस तरह से लिखते थे कि मानो वह राग उसी चीज के लिए लिखा गया है। उनके राग को सुनकर ऐसा लगता है कि राग खुद गा रहा हो।

रविंद्र नाथ टैगोर जी को उनकी काव्य रचना गीतांजलि के लिए संगीत का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। वह पुरस्कार उन्हें सन १९१३ में मिला। रविंद्र नाथ टैगोर जी को राजा जॉर्ज पंचम ने नाइटहुड की भी उपाधि दी गई थी लेकिन उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के दौरान इस उपाधि को लौटा दिया।

इनके संगीत इतना ज्यादा प्रचलित हुआ करता था कि उन्होंने 2 देशों का राष्ट्रगान लिख दिया। उनमें से एक हमारे भारत देश का यह राष्ट्रगान है जो हमारे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी द्वारा लिखा गया है।

हमारे देश का जो राष्ट्रगान है वह रविंद्र नाथ टैगोर जी द्वारा ही लिखा गया है जो हम सभी बहुत शान से गाते हैं।रविंद्र नाथ टैगोर जी की रचनाएं वर्तमान समय में सभी बच्चों के स्कूलों में पढ़ाई जाती हैं अर्थात सभी की बुक में रविंद्र नाथ टैगोर जी के द्वारा लिखी गई कविताएं एवं कथाएं अवश्य होती हैं।

रविंद्र नाथ टैगोर जी ने बंगाल संस्कृत के जरिए पूरे देश भर में संस्कृत साहित्य का प्रचार प्रसार किया उन्होंने ही संस्कृत साहित्य को बंगाल के साहित्य के जरिए जीवित रखा।

रविंद्र नाथ टैगोर अपनी कथाओं और कविताओं से हमेशा कुछ न कुछ कहने की प्रयास करते थे वह एक प्रकृति प्रेमी थी इसलिए प्रकृति के बारे में उनको लिखना बेहद पसंद आए और इसलिए वह जो भी लिखकर या रचना करते थे उनसे भी में प्रकृत का कुछ ना कुछ अवश्य लिखा होता था।

रवींद्रनाथ टैगोर अपने जीवन में कार्य करने पर विश्वास रखते हैं और निरंतर काम किया करते थे उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में जो भी कार्य किया है वह सब लोगों की भलाई के लिए ही थे रविंद्र नाथ टैगोर जी ने शांति निकेतन की स्थापना की है जो बहुत ही ज्यादा अधिक प्रसिद्ध है। रविंद्र नाथ टैगोर जी की मृत्यु 7 August 1941 मैं हुई थी।

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निष्कर्ष

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में लिखकर बताया rabindranath tagore information in hindi। अगर आपको यह पसंद आया हो तो आपसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आप चाहते हैं कि हम किसी अन्य विषय पर भी आपको जानकारी दे तो उसके लिए भी आप हमें कमेंट कर सकते हैं और हत्या पर आपका कोई सवाल है तो आप में बेझिझक पूछ सकते हैं।

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