रतन टाटा जी के बारे में जानकारी 2021 | Ratan tata history in hindi

दोस्तों आज हम आपको एक ब्लॉग में बताने वाले हैं रतन टाटा जी के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है ratan tata history in hindi। रतन टाटा के बारे में हम सभी कुछ ना कुछ जानते हैं और उनके गए सारे कार्यों के बारे में भी हमें पता है लेकिन उनके जीवन के बारे में पता ना होने की वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते हैं ratan tata biography in hindi , ratan tata story in hindi इसलिए मैं आज आपको बताने वाला हूं।

तो चलिए शुरू करते हैं

रतन टाटा जी के बारे में जानकारी | Ratan tata history in hindi | ratan tata biography in hindi

INFOGYANS

रतन टाटा का जन्म 18 दिसंबर 1937 में ब्रिटिश भारत के सूरत नामक स्थान पर हुआ था पारसी जाति से संबंध रखते हैं। इनके पिता का नाम नवल टाटा तथा इनकी माता का नाम सोनी टाटा था। रतन टाटा को राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड का डायरेक्टर इंचार्ज सन 1971 में नियुक्त किया गया तब रतन टाटा ने उस कंपनी को सुझाव दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स के बजाय उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादन के विकास पर निवेश करना चाहिए।

नेल्को कंपनी 40 परसेंट घाटे की बिक्री में चल रही थी तथा बाजार में उसकी हिस्सेदारी 2% की थी रतन टाटा के सुझाव को मारने के बाद उस कंपनी को सन 1972 से सन 1975 तक बाजार की हिस्सेदारी बढ़कर 20% हो गई और उनके घाटे के भी पूरी भरपाई उन्होंने कर ली लेकिन उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपात स्थिति घोषित कर दी जिस वजह से उस कंपनी की फिर से आर्थिक मंदी आ गई।

सन 1977 में इस कंपनी के यूनियन की समस्या उत्पन्न हुई जिस वजह से उत्पादन में कोई भी सुधार नहीं हुआ और इस कंपनी की मांग बढ़ गई थी और अंतिम में टाटा को यूनियन की हड़ताल का सामना करना पड़ा और इस कंपनी में 7 माह के लिए तालाबंदी कर दी गई थी। रतन टाटा इंडस्ट्रीज और समूह की अन्य होल्डिंग कंपनियों के अध्यक्ष रतन टाटा को सन 1981 में बनाया गया जहां वे समूह के कार्य नैतिक विचार को रूपांतरित करने के लिए उत्तरदाई तथा उच्च प्रौद्योगिकी के प्रवर्तक थे।

सन 1991 में रतन टाटा को जेआरडी से ग्रुप चेयरमैन बनाया गया और रतन टाटा ने पुराने गार्डों को बाहर निकाल कर देश के युवा प्रबंधकों को वहां की जिम्मेदारी दी उनके इस कार्य में टाटा ग्रुप के आकार को ही बदल कर रख दिया जो भारतीय शेयर बाजार में किसी भी अन्य व्यापारी से अधिक बाजार पूंजी है।

सन 1998 में रतन टाटा ने ₹100000 की लागत से एक कार बनाई जिसका नाम उन्होंने नैनो रखा था और यह कार बाजार में 10 जनवरी 2008 को आई रतन टाटा ने ₹100000 की कीमत में कार लाने के अपने वादे को पूर्ण किया और साथ ही अन्य कीमतों पर कार्य उपलब्ध कराने के बाद एक पर उन्होंने कहा कि वादा एक वादा है।

लेकिन उनके द्वारा बनाई गई यह कार बाजार में लोगों को पसंद नहीं आए जिस वजह से टाटा कंपनी को कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगी और एक समय ऐसा आया कि जब रतन टाटा ने जैगुआर और लैंड रोवर के मालिक के पास अपनी कंपनी को बेचने गए लेकिन उसके मालिक द्वारा कहे गए कुछ शब्द रतन टाटा को पसंद नहीं है जिस वजह से वह पुनः अपने देश लौट आए और मेहनत किए और 26 जने 2008 में रतन टाटा ने जैगुआर और लैंड रोवर को खरीद लिया।

रतन टाटा जी समाज के झूठे चमक दमक में बिल्कुल भी विश्वास नहीं रखते और वह वर्तमान समय में 20 सालों से रह रहे मुंबई के कोलाबा जिले में एक पुस्तकों और कुत्तों से भरे फ्लैट में रहते हैं और रतन टाटा ने अपने टाटा इंडस्ट्रीज और समूह के लिए अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है जिसका नाम साइरस मिस्त्री है यह उत्तराधिकारी दिसंबर 2012 से रतन टाटा की पूरी तरह समूह की जिम्मेदारी संभालेंगे।

रतन टाटा जी को हमारे 50 वे गणतंत्र दिवस के समारोह पर 26 जनवरी 2000 में हमारे भारत का तीसरे नागरिक अलंकरण पद्म भूषण से सुशोभित किया गया उन्हें पुनः एक बार 26 जनवरी 2008 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक अलंकरण पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

रतन टाटा को कर्नल विश्वविद्यालय द्वारा 26 राबर्ट एस का सम्मान मार्च 2006 में दिया गया। टाटा ग्रुप पूरे विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है क्योंकि यह 100 कंपनियों के साथ टाटा ग्रुप बनती है टाटा चाय से लेकर फाइव स्टार होटल तक तथा सुई से लेकर स्टील तक नैनो कार से लेकर बड़े-बड़े हवाई जहाज तक का निर्माण करता है तथा उसको बेचता है रतन टाटा जी को पालतू जानवरों से बेहद स्नेह है।

रतन टाटा को पालतू जानवरों से इतना प्यार है कि उन्होंने अपना मुंबई का 400 करोड़ का बंगला पालतू कुत्तों की देखरेख के लिए दे दिया है रतन टाटा के पास प्लेन उड़ाने का लाइसेंस भी है क्योंकि उनको प्लेन उड़ाना बेहद पसंद है।

रतन टाटा के ग्रुप में नौकरी करना किसी सरकारी नौकरी से कम नहीं क्योंकि रतन टाटा को अपने कर्मचारियों से बहुत प्यार है रतन टाटा टाटा ग्रुप को 21 साल में उसकी वैल्यू 50 गुना बढ़ा दी। साल 2008 आठ में 26 11 जब मुंबई के ताज होटल जो टाटा ग्रुप से संबंधित है वहां पर आतंकवादियों द्वारा हमला किया गया और कई सारे लोगों को मार दिया तथा घायल कर दिया उन सभी के परिवारों के खर्च तथा इलाज को रतन टाटा ने संभाला।

इस हमले में होटल के आसपास जितने भी छोटी मोटी दुकानें लगाने वाले व्यक्ति थे उनके नुकसान की भरपाई टाटा द्वारा किया गया।

रतन टाटा की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के कैंपियन स्कूल से प्राप्त हुई अर्थात उन्होंने आठवीं तक उस विद्यालय में पढ़ाई की है रतन टाटा ने अपने हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई मुंबई के कैथेड्रल और एंड जॉन कानन स्कूल एवं शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से प्राप्त की है।
सन 1955 में रतन टाटा ने न्यूयॉर्क के रीवरडेल कंट्री स्कूल से ग्रेजुएट हुए।
रतन टाटा एक बहुत ही उदार व्यक्ति से लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं देश में किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न हो उनका मदद सर्वप्रथम होता है।

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निष्कर्ष

दोस्तों हमने आपको इस ब्लॉग में बताया ratan tata history in hindi। अगर आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे पूछ सकते हैं।

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