सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के बारे में जानकारी 2021 | Sardar vallabhbhai patel biography in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में बताने वाले हैं सरदार बल्लभ भाई पटेल के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है sardar vallabhbhai patel biography in hindi| सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम तो हम सभी ने सुना है लेकिन उनके जीवन एवं कार्यों के बारे में संपूर्ण जानकारी न होने की वजह से हम सभी गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च करते है जैसे कि | about sardar vallabhbhai patel in hindi , sardar vallabhbhai patel information in hindi इसलिए मैं आज आपको उनके बारे में बताऊँगा |

तो चलिए शुरू करते हैं|

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के बारे में जानकारी | Sardar vallabhbhai patel biography in hindi | about sardar vallabhbhai patel in hindi 

INFOGYANS

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में मुंबई में हुआ था उनके पिता का नाम झावर भाई था तथा इनकी माता का नाम लाडबाई था| इनके और भी तीन भाई थे जिनका नाम सोमभाई विट्टलभाई तथा नरसी भाई था और उनकी एक बहन थी जिनका नाम दहीबा था|

सरदार वल्लभ भाई पटेल कुछ कमाई कर कर इंग्लैंड जाकर पढ़ना चाहते थे लेकिन घर में पैसों की कमी आम अन्य परेशानियों की वजह से वह ऐसा न कर सकें और घर के लोग इनको नकारा समझते थे क्योंकि यह अपनी मैट्रिक्स की पढ़ाई तब पूर्ण की जब इनकी आयु 22 वर्ष की थी|और सरदार वल्लभ भाई पटेल अपने परिवार से दूर रहकर वकालत पढ़ने लगे जिसकी वजह से उनको अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए किताबें उधार लेना पड़ता था और वकालत करते करते इन्होने नौकरी भी की| और सरदार वल्लभ भाई पटेल अपने परेशानियों से लड़ते लड़ते आगे बढ़े और देश के लौह पुरुष कहलाए|

बारडोली सत्याग्रह जो भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान सन् 1928 में गुजरात में हुआ यह संग्राम किसान आंदोलन था जिसका नेतृत्व सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा किया गया था क्योंकि उस समय सरकार द्वारा किसानों के लगान को 30% तक बढ़ा दिया गया था और इनके इस सत्याग्रह और मेहनत की वजह से सरकार द्वारा लगाए गए 22% लगान को गलत ठहराया गया तथा बाकी प्रतिशत लगान किया गया|

और जब ये सत्याग्रह आंदोलन समाप्त हुआ तब वहाँ की सभी महिलाओं ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि दी|

आज़ादी में बल्लभ भाई पटेल का योगदान

सरदार वल्लभ भाई पटेल ने गुजरात में रहते हुए वहाँ के सभी स्थानीय लोगों की छुआछूत एम शराब छुड़वाने के लिए कई सारे प्रयत्न किए| सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सन 1917 में अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़ने के लिए सभी किसानों को प्रेरित किया क्योंकि उस समय कृषि ही एक मात्र ऐसा जरिया था जिसके जरिए भारत अपनी आय बना रहा था और जब सन् 1917 में किसानों की फसल नष्ट हुई तब उस समय अंग्रेजों के कर देना बहुत ही मुश्किल हो गया था और सरदार वल्लभभाई पटेल तथा गांधीजीने किसानों को कर ना देने के लिए कहा जिसकी वजह से अंग्रेजी हुकुमत हार मान गयी|

हमारे देश को आजादी दो शर्तों पर मिली थी एक थी या तो वो भारत और पाकिस्तान को एक में रहने दें या फिर उनको अलग कर दें इसमें देश में कई कठिनाइयां आईं और तब कांग्रेस सरकार ने सरदार बल्लभ भाई पटेल को एक कार्य दिया और उसमें वो सफल रहे उन्होंने भारत के सभी राज्यों को एक साथ रखने में सफल रहे और सरदार बल्लभ भाई पटेल को डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा भारत की संविधान सभा के लिए सदस्य चुने गए इसमें उन्होंने प्रशासनिक सेवा एवं पुलिस सेवा मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण बल था|

महात्मा गाँधी जवाहरलाल नेहरू वल्लभ भाई पटेल

पंडित जवाहरलाल नेहरू सरदार वल्लभभाई पटेल दोनों ही इंग्लैंड में जाकर अपनी डिग्री प्राप्त कर रही थी लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं जवाहरलाल नेहरू में बहुत बड़ा अंतर था जो सिर्फ सोचते रहते थे वह सरदार वल्लभभाई पटेल कर देते थे| सरदार वल्लभ भाई पटेल इतनी अधिक पढ़ें होने के बावजूद उनके अंदर अहंकार नहीं था वह हमेशा यही बात कहते थे कि मैंने कला एवं विज्ञान में अधिक ऊपर तक उड़ान नहीं भर पाई हैं नहीं|

भारत का विभाजन एवम सरदार वल्लभ भाई पटेल

भारत के विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना ने अलगाववादी आंदोलन आरंभ किया यह पूरे भारत देश में हिंदू और मुस्लिम को लेकर दंगे भी कराने की वजह बना लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल का ऐसा मानना था कि यह दंगे स्वतंत्रता के बाद एक कमजोर सरकार स्थापित करेगी और इससे लोकतंत्र राष्ट्र की मजबूती नष्ट हो सकती है तभी सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1986 में वी पी मेनन के साथ एक समाधान का कार्य किया जिसमें उन्होंने अलग अलग राज्यों से आने वाले धार्मिक सुझावों को स्वीकार किया और विभाजन परिषद में भारत के प्रतिनिधित्व किया| सरदार वल्लभ भाई पटेल कि कई कोशिशों के बाद वह हमारे सभी राज्यों को एक करने में सफल हुए इस वजह से वर्तमान में हम अपने भारत देश में कहीं पर भी आ जा सकते हैं अन्यथा यद्यपि सरदार वल्लभ भाई पटेल नहीं होते तो वर्तमान समय में हमें एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए पासपोर्ट एवं वीजा की आवश्यकता होती|

सरदार वल्लभ भाई पटेल के बारे में कुछ तथ्य

सरदार वल्लभ भाई पटेल को प्लेग बीमारी हुई थी क्योंकि वह अपने एक दोस्त की देखरेख कर रहे थे जब उसको यह बीमारी लगी थी या बीमारी बेहद ही संक्रमण की लेकिन वह अपने परिवार से दूर एक मंदिर में रहे और जब वह धीरे धीरे ठीक हुए तब वापस आए|

सरदार वल्लभ भाई पटेल को पढ़ने के लिए इतने पैसे भी नहीं थे कि वह बुक ले सकें इस वजह से वह दूसरों से बुक मांग कर पढ़ा करते थे|

सरदार वल्लभ भाई पटेल इंग्लैंड में अपने वकालत पूरी करने के बाद गोधरा बोरसद और आनंद में अपने वकालत का अभ्यास किया|

जब सरदार वल्लभ भाई पटेल 36 वर्ष के थे तब उन्होंने कानूनी पढ़ाई के लिए इंग्लैंड में अध्ययन करने के लिए गए वहाँ पर उन्होंने मिडल टेम्पल कोर्ट ऑफ इंस् मैं अपना दाखिला कराया और वह उस पढ़ाई को मात्र 30 महीने में पूरा कर दिया जबकि उस पढ़ाई को पूरा करने के लिए 36 महीने लगती है|

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निष्कर्ष

दोस्तों में हमने आपको इस ब्लॉग में बताया sardar vallabhbhai patel biography in hindi| अगर आपको इनके बारे में जानकर अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपको कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते हैं|

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