शिवाजी महाराज के बारे में जानकारी 2022 | Shivaji maharaj information in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में बताने वाले हैं शिवाजी महाराज के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है shivaji maharaj information in hindi। शिवाजी महाराज के बारे में लगभग सभी को पता है लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो आपको नहीं पता जिस वजह से गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि information about shivaji maharaj in hindi , information of shivaji maharaj in hindi

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राजा शिवाजी महाराज के बारे में जानकारी | Shivaji maharaj information in hindi | information about shivaji maharaj in hindi

INFOGYANS
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हमारे शिवाजी महाराज का जन्म Birth Date 16 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनके पिता एक शक्तिशाली सामंत थे उनका नाम शाहजी भोंसले था। शिवाजी महाराज की माता जी भी एक असाधारण प्रतिभा शील महिला थी जिनका नाम जीजाबाई जाधव था।

शिवाजी महाराज के एक बड़े भाई थे जिनका नाम सम्भाजी था वो हर वक्त अपने पिता जी के साथ ही रहते थे।शिवाजी महाराज के ऊपर उनके माता और पिता का बहुत प्रभाव पड़ा । उन्होंने रणनीति और युद्ध कला भी सीखी। शिवाजी महाराज उस समय के वातावरण और घटनाओं से भली भांति परिचित हो गए थे।

शिवाजी महाराज के दिल में स्वाधीनता की लौ जल चुकी थी जिस वजह से उन्होंने कुछ स्वामिभक्त साथियों का संगठन किया। शिवाजी महाराज की पत्नी का नाम सइबाई निंबाळकर था जिनसे इन्होंने 14 मई 1640 में लाल महल पुणे में शादी की थी।

शिवाजी महाराज ने कुल 8 शादियां की थी उनकी आठों पत्नियों का नाम ये था।
सखुबाई राणूबाई
सोयराबाई मोहिते
पुतळाबाई पालकर
गुणवन्ताबाई इंगले
सगुणाबाई शिर्के,
काशीबाई जाधव,
लक्ष्मीबाई विचारे,
सकवारबाई गायकवाड़

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शिवाजी महाराज हिंदू धर्म के रक्षक थे जिस वजह से कई लोगो ने यह अनुमान लगाया की शिवाजी भोंसले अन्य धर्म के शत्रु है लेकिन ऐसा नही है वह एक धर्म निरपेक्ष राजा थे। शिवाजी महाराज के कई पदों पर मुसलमान भी नियुक्त किए गए थे।

शिवाजी महाराज ने कई दुर्गों पर नियंत्रण किया रोहिदेश्वर का दुर्ग सबसे पहला दुर्ग था जिसपर उन्होंने नियंत्रण किया था। रायगढ़ का दुर्ग के बाद उन्होंने चाचड़ के दुर्ग पर भी अपना अधिकार कर लिया।

शिवाजी महाराज ने आबाजी सोन्देर के नेतृत्व में कोंकण के विरुद्ध युद्ध करने के लिए सेना भेजी जिसमे आबाज़ी सोन्देर ने कोंकण के साथ नौ और दुर्गों पर अपना नियंत्रण कर लिया।

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शिवाजी महाराज ने सन 1674 तक उन सभी प्रदेशों पर अपना अधिकार कर लिया था जो पुरन्दर की सन्धि के तहत उनको मुगलों को देने पड़े थे। शिवाजी महाराज ने पश्चिमी महाराष्ट्र में स्वतंत्र हिंदू की स्थापना के बाद स्वयं का राज्य अभिषेक कराने के बारे में विचार किया तब मुगलों ने वहां के सभी ब्राह्मणों को यह कह कर धमकाया कि यद्यपि कोई भी शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक किया तो हम उसको मार देंगे यह बात जब हमारे शिवाजी महाराज तक पहुंची तब उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया।

शिवाजी महाराज ने कहा कि अब वह उनकी राज्य के ब्राह्मणों से राज्याभिषेक करवाएंगे जो मुगलों के अधिकार में है तभी शिवाजी महाराज के निजी सचिव बालाजी ने काशी में 3 दूत को भेजा क्योंकि उस समय काशी मुगलों के अधिकार में था।

shivaji maharaj images hd | शिवाजी महाराज फोटो

जब तू तो ने शिवाजी महाराज का यह संदेश मुगल सम्राट के सामने रखा तो काशी के सभी ब्राह्मण बेहद प्रसन्न हुए यह बात जब मुगल के सैनिकों को पता चली तब उन्होंने काशी के सभी ब्राह्मणों को कैद कर लिया और सम्राट के सामने लाया किंतु काशी के ब्राह्मणों ने ऐसा कहा कि हम तब तक किसी भी राजा का राज्याभिषेक नहीं कर सकते जब तक हमें उसके बारे में पूर्णता पता ना हो उन्होंने शिवाजी के दूतो से यह पूछा कि शिवाजी किस वंश से है यह बात दूत को नही पता थी |

इस वजह से दूत ने कहा की नही पता तब काशी के ब्राह्मणों ने कहा कि जब तक हमें राजा के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं हो जाती तब तक हम किसी भी राजा का राज्याभिषेक नहीं करेंगे हम सभी तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं इसलिए हमें छोड़ दिया जाए और काशी का कोई भी ब्राह्मण राज्याभिषेक नहीं करेगा जब तक राजा के बारे में पूर्णता जानकारी ना हो यह बात सुनकर मुगल सम्राट बहुत प्रसन्न हुए और काशी के ब्राह्मणों को छोड़ दिया तथा उन दूतों को पकड़ लिया लेकिन वह भी किसी तरह चुपके से भाग निकले और यह सारी बात बालाजी और शिवाजी महाराज को बताया।

लेकिन उसके कुछ दिन पश्चात ही काशी की सभी ब्राह्मण और उनके शिष्य राज्याभिषेक करने के लिए आए और राजा अभिषेक किया उसके पश्चात भी मुगलों ने उनके बीच फूट डालने का बेहद प्रयत्न किया उन्होंने पुणे के सभी ब्राह्मणों को कहा कि वह शिवाजी महाराज को राजा मानने से इंकार कर देता कि वहां की सभी प्रजा भी ऐसा करें लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब ना हो सके।

shivaji maharaj photo | shivaji maharaj original painting

शिवाजी महाराज की मृत्यु 3 अप्रैल 1680 में हो गई थी उसके पश्चात उनके उत्तराधिकारी संभाजी थे क्योंकि वह शिवाजी महाराज के बड़े पुत्र थे संभाजी को उनकी दूसरी पत्नी से राजाराम नाम का एक पुत्र प्राप्त हुआ जो 10 वर्ष का था तब लोगों ने समृद्धि को अपना राजा घोषित किया और जब यह बात मुगलों को पता चली की शिवाजी महाराज की मृत्यु हो गई है तब वह पूरे भारत पर अपना वर्चस्व लहराने के लिए अपनी 500000 सेना लेकर युद्ध के लिए निकले और वह भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में युद्ध आरंभ किया और 2 दिन में उन्होंने अदिल्शाही और मात्र 1 दिन में कुतुबशाही को खत्म कर अपना अधिकार कर लिया।

संभाजी के नेतृत्व में मराठा ने पूरे 1 साल तक युद्ध करके अपने आपको स्वतंत्र रखा औरंगजेब के पुत्र अकबर ने अपने ही पिता औरंगजेब की विद्रोह किया तब संभाजी ने उनको अपने यहां पर सरण दी।

औरंगजेब ने संभाजी के साथ बुरा बर्ताव करते हुए बहुत ही क्रूरता के साथ उनको मार दिया था जिस वजह से पूरा मराठा साम्राज्य क्रोधित हो उठा और अपने पूरे ताकत से राजाराम के नेतृत्व में औरंगजेब की सेना से लड़ने लगे सन 1700 में राजा राम की मृत्यु हो गई।

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निष्कर्ष Conclusion

अभी हमने आपको इस ब्लॉग में बताया shivaji maharaj information in hindi अगर आपको यह विषय पसंद आया हो तो आपसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो उसके लिए आप हमें कमेंट कर सकते हैं हम आपके कमेंट का अवश्य ही जवाब देंगे।

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