स्टीव जॉब्स के बारे में जानकारी 2021 | Steve jobs biography in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में बताने वाले हैं स्टीव जॉब्स के बारे में अर्थात आज का हमारा विषय है steve jobs biography in hindi। स्टीव जॉब्स का नाम हम सभी ने अवश्य ही सुना है लेकिन उनके जीवन शैली एवं कार्यों के बारे में हमें ना पता होने के कारण वश गूगल पर प्रतिदिन इस तरह के सर्च होते रहते हैं जैसे कि steve jobs in hindi , biography of steve jobs in hindi इसलिए में आप को उनके बारे में कुछ बातें बताऊंगा।

तो चलिए शुरू करते हैं।

स्टीव जॉब्स के बारे में जानकारी | Steve jobs biography in hindi | biography of steve jobs in hindi

INFOGYANS

स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 में सैन फ्रांसिस्को कैलिफोर्निया में हुआ था। स्टीव जॉब्स का जब जन्म हुआ था उनके माता पिता की शादी नहीं हुई थी इसलिए उन्होंने कैलिफोर्निया पाल रेनहोल्ड जॉब्स और क्लारा जॉब्स ने उन को गोद लिया इसलिए उनकी माता का नाम क्लारा जॉब से जो कॉलेज से डिग्री नहीं प्राप्त की थी तथा पॉल जॉब्स ने केवल उच्च माध्यमिक शिक्षा ही प्राप्त किए थे।

जब स्टीव जॉब्स 5 वर्ष के थे तब उनका परिवार सैन फ्रांसिस्को से हटकर माउंटेन व्यू कैलिफोर्निया की ओर चले गए और वहीं पर रहने लगे वहां पर उनके पिता एक मैकेनिक तथा बढ़ाई के रूप में कार्य किया करते थे और साथ ही स्टीव जॉब्स को भी यह सब सिखाते थे कि अपने हाथ से काम कैसे करते हैं।

उनकी माता क्लारा एक अकाउंटेंट के रूप में कार्य करती थी और वह स्टीव जॉब्स को पढ़ना सिखा दे दी जिस वजह से स्टीव जॉब्स की प्रारंभिक शिक्षा मोंटा लोमा प्राथमिक विद्यालय में हुआ तथा अपनी उच्च शिक्षा उन्होंने कूपर्टीनो जूनियर हाइ और होम्स्टेड हाई स्कूल से पूर्ण करें उसके पश्चात सन 1972 में स्टीव जॉब्स ने उच्च विद्यालय से स्नातक स्तर की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने ओरेगन के रीड कॉलेज मैं अपना दाखिला कराया लेकिन वह कॉलेज अत्यधिक महंगा होने की वजह से उनको वह कॉलेज छोड़ना पड़ा क्योंकि उनके माता-पिता के पास उनको पढ़ाने के लिए इतने पैसे नहीं थे।

स्टीव जॉब्स 1973 में अटारी में टेक्नीशियन के रूप में कार्य किया करते थे जहां पर लोग उनको मुश्किल है लेकिन मूल्यवान का कर बुलाते थे और उसके 1 वर्ष पश्चात अर्थात 1974 में वह आध्यात्मिक ज्ञान की खोज के लिए अपने रेड कॉलेज मित्रों के साथ भारत में करोली बाबा से मिलने आए लेकिन वहां पर पहुंच कर उन्हें इस बात का ज्ञान हुआ कि उनकी मृत्यु सन 1973 में ही हो चुकी है इस वजह से उन्होंने हैडखन बाबा जी से मिलने का निश्चय किया और इसी वजह से वह भारत में 7 महीने दिल्ली उत्तर प्रदेश तथा हिमाचल में व्यतीत किया तत्पश्चात वह अमेरिका लौट गए और वहां पर उन्होंने अपना सर मुंडवा कर पारंपरिक भारतीय वस्त्र धारण करके भारतीय जीवन व्यतीत करने लगे और वह जैन तथा बौद्ध धर्म के एक बहुत बड़े व्यवसाई बन गए उसके पश्चात उन्होंने खुद का व्यापार खड़ा करने का विचार किया और उन्होंने एक कंपनी की नींव रखी जिसका नाम उन्होंने एप्पल कंप्यूटर कंपनी रखा।

एप्पल कंपनी से इस्तीफा देने के बाद स्टीव जॉब्स ने सन 1985 में नेक्स्ट इंक की स्थापना की यह अपने तकनीकी ताकत के लिए जाना जाता है उनका मुख्य उद्देश सॉफ्टवेयर विकास प्रणाली बनाना था और इसी वजह से टिम बर्नर्स ली नेक्स्ट कंप्यूटर पर एक वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया। लेकिन 1 वर्ष पश्चात इस कंपनी मैं पूंजी की कमी होने के कारण इन्होंने रास पैरोट के साथ साझेदारी की तथा उन्होंने इसमें अपनी पूंजी को निवेश किया और सन 1990 में इन्होंने अपना पहला नेक्स्ट कंप्यूटर बाजार में लाया इसकी कीमत $9999 थी यह कंप्यूटर होने के कारण वश में स्वीकार नहीं किया गया फिर उसी साल इन्होंने पर्सनल कंप्यूटर बनाया।

सन 1996 में एप्पल कंप्यूटर की हालत बाजार में बहुत ज्यादा खराब होने के कारण स्टीव जॉब्स ने नेक्स्ट कंप्यूटर को एप्पल को बेच दिए तथा उसके बाद वह एप्पल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बन गए। और स्टीव जॉब्स ने सन 1997 से इस कंपनी में बताओ सीईओ काम किया तथा सन 1998 उन्होंने आईमैक को बाजार में उतारा जो दिखने में बहुत ही आकर्षक और पारदर्शी खोल वाला कंप्यूटर था तब स्टीव जॉब्स के नेतृत्व में एप्पल की एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई और तत्पश्चात सन 2001 में एप्पल ने आईपैड का निर्माण किया एवं उसी वर्ष उन्होंने आइट्यूंस स्टोर का निर्माण किया।

स्टीव जॉब्स ने सन 2007 में एप्पल कंपनी का आईफोन नाम का मोबाइल फोन बनाया जो बहुत ज्यादा सफल रहा और सन 2010 में एप्पल ने आईपैड नामक टेबलेट कंप्यूटर भी बनाया जो बहुत अधिक सफल रहा और वर्तमान समय में इसके यूजर्स दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं और इस कंपनी का मुनाफा शाम तक पहुंच चुका है लेकिन सन 2011 में स्टीव जॉब्स ने सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया लेकिन वह बोर्ड के अध्यक्ष थे।

स्टीव जॉब्स ने सन 1991 में लॉरेन पावेल शादी की और उनसे तीन संताने प्राप्त हुई जिसमें से एक लड़का तथा दो लड़की थी लड़के का नाम उन्होंने रीड रखा जिसका जन्म सन 1991 में हुआ तथा उनकी बड़ी बेटी का नाम उन्होंने एरिन रखा जिसका जन्म सन 1995 में हुआ तथा उन की छोटी बेटी का नाम उन्होंने युवक जिसका जन्म 1998 में हुआ।

स्टीव जॉब्स को सन 2003 में पेनक्रिएटिक कैंसर की बीमारी हुई जिसका इलाज उन्होंने पूर्ण तरीके से ना कराया और इसी कारणवश उनको सन 2011 में अक्टूबर माह के पांचवी तारीख को उनका देहांत हुआ उनके देहांत के समय माइक्रोसॉफ्ट और डिज्नी जैसी बड़ी कंपनियों ने शोक मनाया एवं पूरे अमेरिका में इनके निधन का शोक मनाया गया। स्टीव जॉब्स को कई सारे पुरस्कार भी दिए गए थे उनका पहला पुरस्कार सन 1982 में उनके एप्पल कंप्यूटर बनाने के उपलक्ष में मशीन ऑफ द ईयर का खिताब प्राप्त हुआ। स्टीव जॉब्स द्वारा ही वर्तमान समय में हम सभी को पर्सनल कंप्यूटर से यूज करें को मिलता है वर्तमान समय में एप्पल कंपनी की मार्केट वैल्यू बहुत अधिक हो चुकी है।

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निष्कर्ष 

दोस्तों हमने आपको इस ब्लॉग में बताया steve jobs biography in hindi। अगर आपको इनके बारे में जानकर अच्छा लगा आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें और यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट कर सकते हैं हम आपके द्वारा पूछे गए सवाल का सही जवाब देंगे।

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